डीडीहाट (पिथौरागढ़)। डीडीहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नेत्र शिविर नहीं लगने से वहां पहुंचे ग्रामीणाें को निराश लौटना पड़ा। एक से दो हजार रुपये में गाड़ियां बुक कराकर पहुंचे लोगों ने विरोध में प्रदर्शन भी किया। सोशल मीडिया में अस्पताल में शिविर लगने का पत्र वायरल होने से ऐसा हुआ। बताया जा रहा है कि बिना सीएमओ के हस्ताक्षर वाला पत्र फर्जी था।
बुधवार को डीडीहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में थल, आदिचौरा, दूनाकोट, अस्कोट क्षेत्र से करीब 200 से अधिक बुजुर्ग नेत्र शिविर लगने की सूचना के बाद अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से बातचीत की तो पता चला कि यहां कोई नेत्र शिविर नहीं है।
नेत्र शिविर नहीं होने की जानकारी के बाद बड़ी संख्या में आए बुजुर्ग हैरान रह गए। बुजुर्गों का कहना था कि आशा, आंगनबाड़ी वर्करों ने सूचना को सच मानकर लोगों तक पहुंचाया और सोशल मीडिया में भी जानकारी प्रसारित की।
एक बुजुर्ग का कहना था कि वह नेत्र शिविर में आंखों की जांच के लिए एक से दो हजार रुपये में गाड़ी बुक कराकर पहुंचे।
कहा कि झूठी सूचना वायरल कर लोगों को परेशान करने का कार्य किया है। सामाजिक कार्यकर्ता दामोदर भट्ट ने मामले में उच्च स्तरीय जांच कर झूठी सूचना फैलाने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस मौके पर तुलसी देवी, हंसा देवी, हिम्मत सिंह, कांति सिंह, जमन जोशी आदि रहे। लोगों ने डीडीहाट में जांच और चिकित्सा शिविर लगाने की मांग की है।
मामले की जांच होगी : सीडीओ
सीएचसी प्रभारी डॉ. फुरकान अहमद का कहना है कि बिना सीएमओ के हस्ताक्षर वाला नेत्र शिविर लगने का पत्र सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद लोग बड़ी संख्या में आंखों का इलाज कराने के लिए लोग अस्पताल पहुंचे। पत्र कहां से वायरल हुआ, इसकी जांच की जा रही है। लोगों ने इस मामले की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से भी की है। सीडीओ अनुराधा पाल ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। यदि विभाग की ओर से ऐसा कोई पत्र जारी किया गया है तो इस मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी।
-डीडीहाट अस्पताल में केवल जांच की गई। जांच के बाद जिन रोगियों की आंखों में दिक्कत मिली है, उन्हें पिथौरागढ़ अस्पताल रेफर किया है।
- डॉ. एसएस ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।