पिथौरागढ़। भारत-नेपाल सीमा पर बसे जमतड़ी गांव के पास जंगल में आग लग गई। आग के गांव के नजदीक पहुुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वन विभाग मौके पर नहीं पहुंचा तो एसएसबी ने आग बुझाकर नुकसान होने से बचा लिया।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार देर शाम जमतड़ी के नजदीक जंगल में आग लग गई। कुछ ही देर में आग गांव के नजदीक पहुंची तो ग्रामीणों में अफरा-तफरी फैल गई। ग्रामीणों ने आग बुझाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर सीमा सुरक्षा में डटे एसएसबी के जवान गांव पहुंचे और मोर्चा संभाला। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जवानों ने आग बुझाकर इसे गांव पहुंचने से रोका। आग बुझने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि इस घटना में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।
जाड़ों में ही जलने लगे जंगल, वन विभाग बन रहा है अनजान
जाड़ों में सीमांत जिले के जंगल जल रहे हैं। अब तक बंगापानी, मुनस्यारी, झूलाघाट सहित अन्य क्षेत्रों में वनाग्नि की पांच से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं इनमें छह हेक्टेयर से अधिक जंगल जलकर राख हो चुका है। हैरानी है कि वनों की सुरक्षा के दावे करने वाला वन विभाग इन घटनाओं से अनजान रहा है।
बुग्यालों में भी शिकारियों की नजर
पिथौरागढ़। मुनस्यारी, धारचूला के बुग्यालों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। आम तौर पर जाड़ों में ठंड के चलते वन्य जीव हिमालयी क्षेत्रों से निचले इलाकों में लौटते हैं। बुग्याल इनका डेरा बनते हैं। ऐसे में शिकारियों की नजर बुग्यालों में रहती है। शिकारी वन्य जीवों के आसान शिकार के लिए बुग्यालों में आग लगा रहे हैं। संवाद
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कोट-जमतड़ी में आग लगने की सूचना नहीं मिली। जल्द ही टीम को मौके पर भेजा जाएगा। वन विभाग वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर है।
दिनेश जोशी, रेंजर, पिथौरागढ़