पिथौरागढ़/चंपावत। सीमांत जिला पिथौरागढ़ में रोज जंगल धधक रहे हैं। इस सीजन में आग की 55 घटनाओं में 55.65 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। वन विभाग को 1,32,650 रुपये की क्षति का आकलन किया गया है।
तीन दिन पूर्व बारिश होने से हालांकि वन विभाग को कुछ राहत मिली लेकिन फिर गर्मी बढ़ने से आग की घटनाएं भी बढ़ रहीं हैं। कनालीछीना मलान और काणाधार के वन पंचायत में शनिवार को भी आग लगी। डीडीहाट के धमरोली वन पंचायत में रविवार को आग लग गई। दोनों जगह वन कर्मियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। चीड़ के जंगलों में पिरूल गिरने से आग जल्दी भड़क जा रही है। डीएफओ जीवन मोहन दगाड़े का कहना है कि आग लगने की सूचना पर वन विभाग के कर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर आग बुझा रहे हैं।
वहीं चंपावत जिले में बाराकोट क्षेत्र के सिंगदा के जंगल में रविवार को आग धधक गई। आग से चारों तरफ धुंध छा गई। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे के कुछ हिस्सों में भी इससे तपिश बढ़ी। वन कर्मियों की मशक्कत से दो घंटे में आग पर काबू पाया गया। वन क्षेत्राधिकारी राजेश जोशी ने बताया कि जंगल के सड़े पेड़ों के खूंटों से आग लगी। वन कर्मियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रेंजर का कहना है कि आग से वन संपदा को खास नुकसान नहीं हुआ है। इससे तीन दिन पूर्व सूखीढांग क्षेत्र के आमखर्क के जंगल में भी आग लगी थी।