पिथौरागढ़। सीमांत जिले में अदरक का बीज न मिलने से किसान बेहद परेशान हैं। उन्होंने उद्यान विभाग से शीघ्र बीज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
सीमांत जिले में अन्य फसलों को तो वन्यजीव नुकसान पहुंचाते हैं लेकिन अदरक की खेती सुरक्षित रहती है। इस कारण अधिकतर किसान अदरक की खेती करते हैं। अदरक उत्पादन से उनकी आजीविका भी जुड़ी है। किसान अप्रैल अंतिम से मई प्रथम सप्ताह तक अदरक की बुवाई करते हैं लेकिन इस वर्ष बीज न मिलने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है।
जिला उद्यान अधिकारी त्रिलोकी राय ने बताया कि इस वर्ष निदेशालय स्तर से अदरक के बीज की आपूर्ति के टेंडर नहीं हुए। उन्होंने बताया कि तीन-चार बार टेंडर की प्रक्रिया की गई लेकिन आपूर्तिकर्ता कोई भी फर्म शर्तें पूरी नहीं कर सकी। जिले में 300 क्विंटल से अधिक अदरक के बीज की जरूरत पड़ती है। विभाग की ओर से किसानों को अनुदान पर 40 रुपये प्रति किलो बीज उपलब्ध कराया जाता है।
हर साल उद्यान विभाग से बीज लेकर अदरक की खेती करते हैं। इस बार बीज न मिलने से परेशानी हो रही है। -भास्कर दत्त कापड़ी, किसान, सतगढ़।
अदरक के बीज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। खेत तैयार किए हैं लेकिन विभाग से बीज नहीं मिल पा रहा है। -गणेश दत्त किसान, सतगढ़।