बंगापानी(पिथौरागढ़)। वन विभाग और प्रशासन पिछले साल वनाग्नि की घटनाएं कम होने पर संतोष जता रहा है। वहीं नए साल की शुरुआत से ही जिले के जंगलों में आग लगने की घटनाएं शुरू हो गई हैं, जो लोगों की दिक्कत बढ़ा रही हैं। बंगापानी में जंगल में आग लगने से पहाड़ी से पत्थरों की बारिश होती रही और नीचे बसे लोग पूरी रात सो नहीं सके और अपनों की सुरक्षा के लिए पहरेदारी करते रहे। अब भी जंगल में आग लगी है और जंगलों की सुरक्षा के दावे करने वाला वन विभाग गायब है।
बंगापानी मुख्य बाजार के ठीक ऊपर जंगल में बीते मंगलवार देर शाम आग लग गई। क्षेत्र के लोगों के लिए पहाड़ी पर चढ़कर आग बुझाना मुमकिन नहीं था और वन विभाग घटना से अनजान रहा। आग लगने से झाड़ियां और घास जल गई तो इसमें अटके पत्थरों की बारिश शुरू हो गई। इससे नीचे बसे लोगों में दहशत का माहौल रहा। पूरी रात जंगल जलता रहा और पत्थर गिरने से लोग सो नहीं सके और अपने घरों की पहरेदारी करते रहे। कोई भी घरों के भीतर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
ऐसा इसलिए कि पहाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर और बोल्डर अटके हैं। झाडियों और घास के जलने के बाद जमीन कमजोर होने से ये पत्थर और बोल्डर लुढ़ककर घरों तक पहुंचते हैं। वर्ष 2015 में इसी कमजोर पहाड़ी से बड़ा बोल्डर गिरकर नीचे बनी दुकान में घुस गया। इस घटना में दुकान में बैठे चाचा और भतीजे की वहीं पर मौत हो गई। फिर से इसी तरह की घटना सामने आने से ग्रामीण दहशत में हैं और जंगल की आग शांत होने का इंतजार कर रहे हैं। हैरानी की बात है कि बीते दो दिन से जंगल धधक रहा है और वन विभाग घटना से अनजान है।
चीड़ के जल चुके पेड़ बने हैं खतरा
बाजार के ऊपरी हिस्से में चीड़ के विशालकाय पेड़ हैं। आग लगने से ये आधे तक जलकर कमजोर हो चुके हैं। ऐसे में इनके गिरने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यदि पेड़ गिरे तो ये बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं।
कोट
जल्द ही बंगापानी क्षेत्र में जंगल में लगी आग बुझाने के लिए टीम भेजी जाएगी। आग लगाने वालों की पहचान के भी प्रयास होंगे। अराजक तत्वों को चिह्नित कर इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। - पूरन देउपा, रेंजर, अस्कोट
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क्रांतेश्वर के जंगल में लगी आग
चंपावत। क्रांतेश्वर मंदिर के जंगल में बुधवार को आग लगने से वन संपदा का नुकसान पहुंचा। करीब 11 बजे लगी आग हवा चलने से तेजी से जंगल में फैलती गई। वनाग्नि के चलते वन्य जीवों को भी नुकसान पहुंचा। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पर किसी तरह काबू पाया। क्रांतेश्वर जंगल में ठंड के इस सीजन में दूसरी बार आग लगी है। करीब एक सप्ताह पूर्व भी क्रांतेश्वर के जंगल में आग लग थी। चंपावत के वन रेंजर बृजमोहन टम्टा ने बताया कि जंगल में आग लगाने वालों पर नजर रखी जा रही है। पकड़े जाने पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संवाद