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परिवेश की भाषा और संस्कृति की वाहक होती हैं लोक कथाएं : पांडेय

Tue, 24 Mar 2026 11:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में चार दिवसीय लोककथा ऑडियो-वीडियो निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। प्राचार्य भास्करानंद पांडेय ने लोक कथाओं को भाषा-संस्कृति का वाहक और बच्चों के अनुभव संसार का समृद्धकर्ता बताया। उन्होंने इनके लुप्त होने पर चिंता जताते हुए शिक्षण में इनकी उपयोगिता बताई।
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संयोजक विनोद बसेड़ा ने बताया कि डायट के यू-ट्यूब चैनल क्रिएटिव लोक पर पिछले वर्ष की छह लोक कथाएं हैं। इस बार सीजन-2 में छह और लोक कथाएं साथी शिक्षकों की आवाज में रिकॉर्ड की जा रही हैं। राजीव जोशी ने स्क्रिप्ट राइटिंग और शुभम पंत और प्रज्ञा पांडेय ने तकनीकी सहयोग दिया। डीएलएड प्रशिक्षुओं को कथा संकलन और तकनीकी पहलुओं में शामिल किया जा रहा है ताकि वे कक्षा शिक्षण में इनका उपयोग कर सकें। कथा सुनाने के लिए दिव्या, कंचन, रजनी, योगिता, दीक्षा और आराधना को तैयार किया जा रहा है। कार्यशाला में गोकर्ण लोहिया समेत शिक्षक और प्रशिक्षु मौजूद थे।
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