पिथौरागढ़। सीमांत जिले में जहां अन्य जगहों पर सुबह से ही चटक धूप खिलने से मौसम सुहावना बना है, वहीं नदी घाटी क्षेत्र के गांव पूर्वाह्न करीब 11 बजे तक घने कोहरे के आगोश में डूबे हैं। कोहरे के कारण लोगों की दिनचर्या बुरी तरह गड़बड़ा गई है। इन हालातों में बच्चों का स्कूल जाना भी चुनौती बना हुआ है। कड़ाके की ठंड के बीच सुबह किसी तरह दैनंदिनी काम कर पा रहे अभिभावकों के लिए बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी करना भी किसी आसान नहीं है। समस्या यहीं खत्म नहीं हो जाती।
अपराह्न तीन बजे बाद दिन ढलने के साथ ही फिर से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोगों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे है। सर्द मौसम में बुजुर्गों की हालत दयनीय बनी हुई। कुछ देर धूप मिलने की आशा में वे किसी तरह समय काट रहे हैं। उनके लिए घर के भीतर बिस्तर में ही दुबके रहना मजबूरी बन गई है। जहां पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में लोग इन दिनों सुबह से ही गुनगुनी धूप का आनंद उठा रहे हैं, वहीं काली, गोरी, रामगंगा और अन्य नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों को घने कोहरे के चलते कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ रही है।
जौलजीबी, बरम, मदकोट, तल्ला बगड़ के तितरी, द्वालीसेरा, सांवलीसेरा, डोकुना, डूंगरा, रसगाडी समेत कई गावों के लोगों की सुबह घने कोहरे के चलते देर से शुरू हो रही है। कुछ साल पूर्व तक इतना कोहरा नहीं दिखता था। अब यह गर्खा क्षेत्र के ऊपरी गांवों तक पहुंच रहा है। भागीचौरा क्षेत्र के समाज सेवी भरत सिंह ऐरी ने बताया कि कोहरे के चलते लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। अपराह्न तीन बजे बाद फिर से कई गांव कोहरे के आगोश में डूब रहे हैं। इसके चलते लोग जल्दी घरों को लौटने को विवश हैं। छोटे कस्बों की बाजार पर भी इसका असर पड रहा है। संवाद