बलुवाकोट के तल्लागांव में ध्वस्त पुलिया
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बलुवाकोट ग्राम पंचायत में हुई घपलेबाजी की परतें खुलती जा रही है। ग्राम पंचायत में बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्लान (बीएडीपी) के तहत मिले पांच लाख रुपये की लागत से बना पुल मात्र आठ महीने में ही ध्वस्त हो गया। घटिया काम का मामला अगस्त 2017 में गांव के लोगों ने प्रशासन के सामने उठाया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बलुवाकोट ग्राम पंचायत के तल्लागांव के नाले पर पुलिया निर्माण के लिए वर्ष 2015-16 में बीएडीपी मद से पांच लाख रुपये स्वीकृत किए गए। विकासखंड कार्यालय को कार्यदायी संस्था बनाया गया। ग्राम पंचायत ने पुल का निर्माण किया। फरवरी 2017 में पुल बनकर तैयार हुआ। छह माह बाद ही अगस्त में पुल में दरार आने लगी। 18 अगस्त 2018 को तल्लागांव के लोगों ने डीएम को लिखे पत्र में जानकारी दी कि पुल में दरार आ गईं हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई और अक्तूबर 2017 में पुल ध्वस्त हो गया।
बलुवाकोट ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने वाले परिवर्तन संगठन के रोहित खाती कहते हैं कि ग्राम पंचायत के विकास के लिए आया धन सरकारी कर्मचारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की बंदरबांट की भेंट चढ़ गया है। उन्होंने कहा कि घपलेबाजी की जांच रिपोर्ट डीएम के पास पहुंच गई है। मामले में तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
अपशिष्ट प्रबंधन के 13 कूड़ादानों का पता नहीं
बीएडीपी मद से वर्ष 2015-16 में बलुवाकोट ग्राम पंचायत में 16 अपशिष्ट प्रबंधन कूड़ादान बनने थे। 25 फरवरी को हुई जांच के दौरान सामने आया कि 16 में से मात्र 3 कूड़ादान बने हैं। बाकी के 13 कूड़ादानों का अब तक पता नहीं है।
जांच रिपोर्ट में जो भी बिंदु सामने आए हैं, उनके अनुसार कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही बलुवाकोट के मामले में कार्रवाई होगी।
-सी रविशंकर, जिलाधिकारी, पिथौरागढ़