पिथौरागढ़। पुलिस ने सूदखोरी के मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ये सूदखोर ब्याज न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
बुधवार को पिथौरागढ़ निवासी राजीव सिंह की तहरीर पर पुलिस ने राजेश ओबराय (टोनी), मनोज सालूजा, दीपक मोदी, कमल चंद और जितेंद्र लाल वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एसएसआई केसी आर्या ने बताया वर्ष 2011 में पीड़ित ने 10 प्रतिशत ब्याज पर राजेश ओबराय (टोनी) से 10 लाख रुपये लिए थे। उसने टोनी को सूद समेत पूरी धनराशि का भुगतान भी कर दिया था। वर्ष 2014-15 में उसने फिर टोनी से 10 प्रतिशत ब्याज पर 12 लाख रुपये लिए थे। उस समय टोनी ने एग्रीमेंट बनाकर और ब्लैंक चेक अपने पास रख लिया था।
पीड़ित ने वर्ष 2017 में पांच प्रतिशत ब्याज पर मनोज सालूजा से 11 लाख रुपये लिए थे। उस समय सालूजा ने 11 लाख के बजाय 10 लाख 45 हजार रुपये ही दिए। उसने पहली किस्त के तौर पर 55 हजार रुपये काट लिए थे। पीड़ित का कहना है कि वह सालूजा को मूलधन और 40 लाख रुपये ब्याज दे चुका है।
पीड़ित ने दीपक मोदी से 10 प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रुपये और कमल चंद से भी 10 प्रतिशत ब्याज पर 2 लाख रुपये लिए हैं। उसने बताया कि अब ये सभी व्यक्ति उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। सीओ आरएस रौतेला का कहना है कि पुलिस शीघ्र ही पांचों लोगों को गिरफ्तार कर लेगी। इधर एसपी प्रीति प्रियदर्शनी ने पुलिस को सूदखोरों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
सूदखोरों के डर से 2018 से लापता था पीड़ित
पिथौरागढ़। पीड़ित सूदखोरों के डर से वर्ष 2018 से पिथौरागढ़ से लापता था। उसका कहना है कि वह सूदखोरों का ब्याज चुकाते-चुकाते बरबाद हो गया है। पूरा मूलधन और ब्याज चुुकाने के बाद भी उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उसने पुलिस से सूदखोरों से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पिथौरागढ़ में ब्याज पर पैसे देने का अवैध धंधा लंबे समय से चल रहा है। जिले के कई नामी लोग सूदखोरों के चंगुल में हैं। सूदखोरी के मामले में मनोज सालूजा पर पुलिस पहले भी मुकदमा दर्ज कर चुकी है। वह सूदखोरी के आरोप में कारावास में बंद चल रहा है।