पिथौरागढ़। चालकों और बसों की कमी झेल रहे पिथौरागढ़ डिपो की चुनौतियां और बढ़ने वाली हैं। चारधाम यात्रा शुरू हो गई है और पिथौरागढ़ डिपो से भी करीब पांच बसें यात्रा के लिए भेजी जानी हैं। ऐसे में विभिन्न रूटों पर बस सेवाओं का संचालन प्रभावित होने की आशंका है। वहीं चारधाम यात्रा में भेजी जाने वाली बसों के लिए चालकों की व्यवस्था करना भी चुनौती होगा।
बता दें कि विभिन्न मार्गों पर बसों के सुचारु संचालन के लिए पिथौरागढ़ डिपो को करीब 60 नई बसों की जरूरत हैं। इसमें बसों की कमी से लंबे समय से परिवहन सेवा बंद वाले रूट भी शामिल हैं। वर्तमान में संचालित रूटों पर बसों के सुचारु संचालन के लिए डिपो को लगभग 40 चालकों की और जरूरत है। चालकों की कमी से देहरादून द्वितीय और हरिद्वार सेवा कई दिनों से बाधित चल रही है जो शनिवार को भी ठप रही।
इस बीच चारधाम यात्रा के लिए डिपो से पांच बसें भेजी जानी हैं। पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहे डिपो के लिए ऐसे में अन्य रूटों पर सेवाएं सुचारु रख पाना चुनौती होगा। वहीं चालकों की कमी से इनके संचालन की समस्या खड़ी हो सकती है। यदि चारधाम सेवा सुचारु भी रही तो उसका असर डिपो की अन्य सेवाओं पर पड़ना लाजिमी है।
कोट
चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है। फिलहाल कार्यरत चालकों और उपलब्ध बसों के सहारे सेवाएं संचालित की जा रही हैं। - रविशेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो