पिथौरागढ़। जिले में बच्चों और युवाओं के स्मैक की ओर बढ़ने का मामला पुलिस और एसओजी की जांच में सामने आया है। एसओजी के अनुसार, शराब की गंध से परिजनों को नशे का आसानी से पता चल जाता है जबकि स्मैक के सेवन की शुरुआती पहचान मुश्किल होती है। इसी वजह से कुछ बच्चे और युवा स्मैक की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
एसओजी के मुताबिक जिले में स्मैक के सेवन के बाद उसकी खरीद के लिए धन जुटाने को तस्करी में शामिल होने के मामले भी सामने आए हैं। पुलिस ऐसे मामलों की जांच और निगरानी कर रही है।
स्मैक के शुरुआती लक्षण सामान्य
पुलिस और चिकित्सकों के अनुसार स्मैक के सेवन के शुरुआती लक्षणों में नींद के समय में बदलाव, आंखें लाल होना और चिड़चिड़ापन शामिल हो सकता है। ये बदलाव कई सामान्य कारणों से भी हो सकते हैं, इसलिए परिजन इन्हें नशे से जोड़कर नहीं देख पाते।
अंगूठे और उंगलियों पर कालिख के निशान
पुलिस के अनुसार स्मैक का सेवन एल्युमिनियम फॉयल गर्म कर किया जाता है। इस दौरान फॉयल पकड़ने वाली उंगलियों और अंगूठे पर धुएं या जले अवशेष की कालिख जम सकती है। लगातार ऐसा होने पर त्वचा काली दिखाई दे सकती है।
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बच्चे और युवा तेजी से स्मैक की तरफ बढ़ रहे हैं। शराब का सेवन करने पर उसकी गंध और व्यवहार में बदलाव से इसका पता आसानी से चल जाता है। पुलिस और एसओजी ऐसे मामलों पर लगातार नजर रख रही है। -नीरज भाकुनी, प्रभारी, एसओजी