थिरागढ़ के होकरा मैय्या दरबार में पूजा, अर्चना करते लोग।
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नवरात्र की अष्टमी तिथि एक साथ पड़ने से मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही। गंगोेलीहाट के हाट कालिका दरबार और नाचनी के होकरा मैय्या के दरबार में हर साल की तरह ही मेले लगे। मंदिरों में भजन, कीर्तन की धूम रही।
जिला मुख्यालय के उल्का देवी मंदिर में भक्तों का सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गया था। मंदिर में दिनभर श्रद्धालु की भीड़ लगी रही। मां महाकाली भक्त मंडली ने मंदिर में भंडारे का आयोजन किया। जिला मुख्यालय के कौशल्या देवी मंदिर, कनालीछीना के ध्वज शक्तिपीठ, गुरना माता मंदिर में सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। गंगोलीहाट के हाट कालिका दरबार में पूजा के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। मुख्य बाजार में परंपरागत मेला लगा। हजारों लोगों ने मेले में खरीददारी की। हाट कालिका के दरबार में परंपरा के अनुसार मध्य रात्रि में सिमलकोट गांव के मेहता उपजाति के लोगों की पूजा संपन्न कराई गई।
हाट कालिका दरबार के साथ ही चामुंडा, शीतला, क्षमा, वैष्णवी, अंबिका, त्रिपुरासुंदरी, कोकिला (कोटगाड़ी) शक्तिपीठ में दिनभर लोग पूजा, अर्चना के
लिए पहुंचते रहे। नाचनी क्षेत्र के विख्यात होकरा शक्तिपीठ में हजारों लोगों ने पूजा, अर्चना की। मेले में भारी संख्या में लोग जुटे।