पिथौरागढ़ विकास भवन में अधिकारियों को निर्देश देते जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे। संवाद न्य
- फोटो : PITHORAGARH
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के सफल क्रियान्वयन के संबंध में बुधवार को विकास भवन सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ.विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि पिथौरागढ़ जिले में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में कुल 20 गांवों का चयन किया गया है।
प्रत्येक गांव में पेयजल एवं स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, समाज सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें एवं आवास, विद्युत एवं स्वच्छ ईंधन, कृषि पद्धतियों, वित्तीय समावेशन, जीवन यापन व कौशल विकास मुहैय्या कराने के लिए प्रति गांव 21 लाख रुपये की धनराशि सरकार से आवंटित हुई हैं।
योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे राजस्व गांव जिसकी जनसंख्या 500 से अधिक हो और जहां 50 प्रतिशत से अधिक आबादी अनुसूचित जाति की है उन गांवों में 10 मूलभूत सुविधाएं मुहैय्या करानी हैं। इसी आधार पर भारत सरकार ने जिले में प्रथम चरण में 20 गांवों का चयन किया है। इन चयनित गांवों में विभिन्न विभागों के अतिरिक्त बजट व अन्य योजना मनरेगा, बीएडीपी सहित अन्य स्रोतों से भी आवश्यक कार्य कराए जाएंगे।
ग्राम स्तरीय अभिसरण समिति जिसके अध्यक्ष ग्राम प्रधान हैं उक्त समिति द्वारा गांव की जो भी योजना बनाई जाएगी उसका अनुमोदन ग्राम सभा की बैठक में कराना अनिवार्य है। कार्यशाला में समाज कल्याण निदेशालय से आए सहायक निदेशक केआर जोशी ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के सर्वेक्षण एवं क्रियान्वयन के बारे में जानकारी देते हुए इन गांवों में उपलब्ध होने वाली आवश्यकीय मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। आर्टीवा कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड गाजियाबाद से आए मास्टर ट्रेनर अनुज भास्कर ने ग्राम स्तरीय अभिसरण समिति के सर्वे कार्य के बारे में बताया। कार्यशाला में सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।