मुनस्यारी में जीआईसी के पास इन पत्थरों को तोड़ने के लिए की गई ब्लास्टिंग
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डिग्री कॉलेज के भवन का निर्माण कर रहे ठेकेदार ने बिना किसी पूर्व सूचना के एक पत्थर को तोड़ने के लिए बड़ा विस्फोट कर दिया। शुक्रवार सुबह 8.40 बजे विस्फोट करने से जीआईसी मुनस्यारी में हड़कंप मच गया। जिस स्थान पर विस्फोट किया गया, वहां से जीआईसी के भवन की दूरी मात्र 100 मीटर है। विस्फोट के साथ निकले पत्थर के टुकड़े भवन की छत और आंगन पर गिर गए। गनीमत रही कि किसी विद्यार्थी और शिक्षक को कोई चोट नहीं आई।
मुनस्यारी में जीआईसी के पास ही डिग्री कॉलेज के भवन का निर्माण किया जा रहा है। यूपी निर्माण निगम इस भवन का निर्माण करा रहा है। शुक्रवार सुबह भवन का निर्माण करा रहे ठेकेदार ने बिना किसी पूर्व सूचना के पत्थर को तोड़ने के लिए अचानक विस्फोट कर दिया। इससे काफी देर तक जीआईसी में दहशत फैल गई। जीआईसी के प्रधानाचार्य हेम चंद्र कश्यप ने घटना की जानकारी तत्काल तहसीलदार जीत राम और थाना प्रभारी रोहतास सागर को दी। तहसीलदार ने मौका मुआयना करने के बाद बताया कि पत्थर तोड़ने के लिए आबादी के बीच में इस तरह विस्फोट करना गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में ठेकेदार और निर्माण एजेंसी को नोटिस भेजा जा रहा है। थाना प्रभारी रोहतास सागर ने कहा कि पुलिस ने ऐहतियाती तौर पर मौका मुआयना कर लिया है और अपनी ओर से ठेकेदार को सख्त हिदायत दे दी है। यदि किसी की तरफ से रिपोर्ट दर्ज होती है तो पुलिस कार्रवाई करेगी।
वहीं, शिल्पी विकास समिति के अध्यक्ष डा. दुर्गा प्रसाद ने कहा है कि इस तरह विस्फोट करने वाले ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। जो अधिकारी और कर्मचारी इस तरह के गैरकानूनी कामों को शह दे रहे हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। यदि प्रशासन ने इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाया तो उनका संगठन आंदोलन करेगा।