एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल कर्मियों ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सचिव शिक्षा की ओर से भेजे गए प्रस्ता?
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। एजुकेशनल मिनिस्टीरियल कर्मियों ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सचिव शिक्षा की ओर से भेजे गए प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने में सीईओ को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि नये प्रस्ताव में अनुभव के मद्देनजर कर्मियों को अनिवार्य स्थानांतरण से मुक्त रखने की अनुमति देने की मांग की है। कर्मियों को महानिदेशालय से लेकर हाईस्कूल तक मिनिस्टीरियल कर्मियों का एक ही कैडर है। स्थानांतरण के आधार पर पदोन्नति की जानी है। एक ही अधिनियम में दो तरह की व्यवस्थाएं प्रचलित होना न्यायसंगत नहीं है। इसका मिनिस्टीरियल कर्मी विरोध करते हैं। उन्होंने कहा ये प्रस्ताव अपने चहेते एक वर्ष से सुगम में जमे कर्मियों को बचाने के लिए विभाग ने भेजा है। इसका विरोध किया जाएगा।
प्रांतीय उपाध्यक्ष ज्योति कुमार पांडेय का कहना है कि निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने उत्तराखंड अपने प्रस्ताव को रद्द नहीं करेंगे तो किसी भी वाद विवाद के प्रति उत्तरदायी होंगे। जिलाध्यक्ष सौरभ चंद ने कहा कि शासन ने सहायक अध्यापक एलटी से प्रवक्ता पद पर पदोन्नति की पदस्थापना के लिए काउंसलिंग का निर्णय लिया है। जो स्वागत योग्य कदम है लेकिन एक ही विभाग में पदस्थापना में अलग नियमों के आधार पर पद स्थापना करना न्याय संगत नहीं है। उन्होंने वर्तमान में गतिमान वरिष्ठ सहायक से प्रधान सहायक पद पदस्थापना अनिवार्य रूप से काउंसलिंग से करने की मांग की है। इस मौके पर संजय पंत, राजेंद्र राणा, मनोज कुमार, हरीश भट्ट, बलवान सिंह, अनिल चंद, दया शर्मा, किरन खाती, प्रेमा पोखरिया आदि रहे।