कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित की थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत पर की गई टिप्पणी से पूर्व सैनिक भड़क गए हैं। उन्होंने जिला मुख्यालय में जुलूस निकालकर विरोध जताया है। साथ ही जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर पूर्व सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पूर्व सैनिकों ने पूर्व सैनिक जन कल्याण समिति के नेतृत्व में केमू स्टेशन से जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला। थल सेनाध्यक्ष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले कांग्रेस नेता के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सेनाध्यक्ष ही नहीं सेना पर टिप्पणी कर रहा यह व्यक्ति अपनी मां की कोख को गाली दे रहा है। पूर्व सैनिकों का कहना था कि सेना की चयन प्रक्रिया बेहद पारदर्शी, जटिल और कठिन है। सेना में योग्यता के आधार पर व्यक्ति का स्थान निर्धारित होता है। न कि आरक्षण और सिफारिश के आधार पर।
कहा कि सैनिक देश की सीमाओं पर 24 घंटे ड्यूटी देकर देश की रक्षा करते हैं। जुलूस में बहादुर सिंह रावल, महादेव भट्ट, लाल सिंह बिष्ट, गोपाल दत्त जोशी, शमशेर सिंह महर, मीडिया प्रभारी विनोद सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह बिष्ट, चंचल सिंह भंडारी, कुंडल सिंह मोसाल, दान सिंह वल्दिया, केशर सिंह धामी, भुवन वल्दिया, लक्ष्मण सिंह महर, राम सिंह बिष्ट, ललित सिंह भंडारी, राजेंद्र सिंह भाटिया, महेंद्र सिंह मेहता, भगवान सिंह वल्दिया आदि शामिल रहे।
टिप्पणी करने वाले नेता पर कार्रवाई हो
अस्कोट। पूर्व सैनिकों ने थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। रिटायर्ड कैप्टन शेर सिंह बसेड़ा, सूबेदार मेजर बहादुर सिंह, रिटायर्ड सूबेदार शेर सिंह अधिकारी, त्रिलोक सिंह, तेज बहादुर पाल, हेमंत सिंह, केशर सिंह पोखरिया, हवलदार चंद्र सिंह, नारायण सिंह, उम्मेद सिंह पोखरिया ने कहा कि थल सेना देश की आन, बान और शान है। एक आदमी जो देश की संसद का सदस्य रह चुका हो, थल सेनाध्यक्ष को सड़क का गुंडा कह देता है, उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है। आर्मी चीफ के खिलाफ प्रयोग में लाई गई भाषा को बेहद अभद्र बताते हुए कहा कि ऐसे तत्वों का सबक सिखाया जाना चाहिए।