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अस्पताल गेट पर आड़े-तिरछे खड़े वाहनों का कब्जा

Tue, 13 Jun 2017 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में अस्त व्यस्त वाहनों के कारण फंसी 108 आपात एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल में बेतरतीब ढंग से खड़े हो रहे वाहन मरीजों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। दर्जनों दोपहिया वाहन आपातकालीन कक्ष के बाहर हर समय आड़े-तिरछे खड़े रहते हैं। अस्पताल के गेट में तक वाहन खड़े कर दिए जा रहे हैं। इससे गंभीर रोगियों को लाने वाली एंबुलेंस तक अस्पताल के भीतर नहीं जा पाती। मरीजों को गेट से ही आपातकालीन कक्ष तक पैदल जाना पड़ता है।
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जिला अस्पताल परिसर में निजी वाहन खड़े होना आम बात है, लेकिन मंगलवार को स्थिति बेहद खराब थी। अस्पताल परिसर में मनमर्जी का आलम था। करीब 12 बजे का वाकया है, अस्पताल के मुख्य द्वार से आपातकालीन कक्ष तक दोपहिया वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े थे। गेट पर भी एक दोपहिया खड़ा था। इतने में 108 वाहन गंभीर रूप से बीमार एक महिला को लेकर आया। वाहन खड़ा होने से 108 एंबुलेंस के पहिए अस्पताल के गेट से आगे नहीं बढ़ पाए। 108 वाहन चालक ने कई बार हॉर्न और हूटर बजाया, लेकिन गलत ढंग से वाहन खड़े करने वाले लोगों के साथ ही अस्पताल प्रबंधन हरकत में नहीं आया। मजबूरन साथ में आई तीमारदार बीमार महिला को गेट से आपातकालीन कक्ष तक पैदल लाई।

बता दें कि पांच लाख आबादी के स्वास्थ्य की देखभाल का जिम्मा संभाल रहे जिला अस्पताल में यह एक दिन का वाकया नहीं है। अमूमन इस तरह के हालात जिला अस्पताल में रोज दिखते हैं। कई वाहन स्थायी रूप से अस्पताल परिसर में खड़े रहते हैं। इस गंभीर अव्यवस्था के कारण मरीजों को गेट के बाहर ही उतारना पड़ रहा है।
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जनवरी में तत्कालीन जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने अस्पताल परिसर में खड़े रहने वाले निजी वाहनों को सीज करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों का भी पालन सरकारी अमले ने नहीं किया। इस अव्यवस्था पर लोगों में रोष है। जिला अस्पताल प्रबंधन समिति के सदस्य हेमंत सिंह ऐर का कहना है कि यह गंभीर लापरवाही है। इस प्रकरण को प्रबंधन समिति के सामने उठाया जाएगा। अस्पताल के भीतर निजी वाहनों का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा।
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