पिथौरागढ़ के केमू स्टेशन में खड़ी जीपें
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जिले की सड़कों पर पिछले दो साल में 11605 वाहन बढ़ गए। साथ ही जिले में पंजीकृत वाहनों की संख्या 39646 पहुंच चुकी है। इन वाहनों के लिए शासन-प्रशासन अब तक एक पार्किंग स्थल का निर्माण तक नहीं कर पाया है।
एआरटीओ कार्यालय पिथौरागढ़ में वर्तमान में पंजीकृत वाहनों की संख्या 39646 है। इनमें सबसे अधिक 26239 दोपहिया वाहन हैं। वर्ष 2016 में जिले में वाहनों की संख्या 28041 थी। इनमें 18309 दोपहिया वाहन थे। इस लिहाज से दो सालों में 7930 दोपहिया वाहन जिले में बढ़े हैं। दो वर्षों में कारों की संख्या में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2016 में जिले में मात्र 3974 कारें पंजीकृत थीं। यह संख्या 2018 के साल के अंत तक बढ़कर 6322 पहुंच गई।
जिले में दो सालों के भीतर 2348 कारें बढ़ गई। टैक्सियों की संख्या भी दो सालों के भीतर 916 से बढ़कर 1295 हो गई। कारों और दोपहिया वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने से सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। पिथौरागढ़ नगर में स्थिति यह है कि मुख्य सड़कों से लेकर गलियां तक पार्किंग स्थल बन गई हैं। राहगीरों के लिए सड़कों के किनारे सुरक्षित चलने के लिए भी स्थान नहीं है। इसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
लोग भुगत रहे उपेक्षा का खामियाजा
पिथौरागढ़। पिछले डेढ़ दशक में पिथौरागढ़ शहर में कई स्थानों पर अतिक्रमणकारियों ने सरकारी जमीन घेरकर इमारतें बना ली, लेकिन प्रशासन उन स्थलों पर 10 दोपहिया वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग स्थल तक नहीं बना सका। देवसिंह मैदान के पास 2015 से बन रही एकमात्र मल्टी पार्किंग स्टोरी शासन से धन अवमुक्त नहीं होने के कारण वर्ष 2018 में भी नहीं बन सकी। प्रशासन और सरकारों की नाकामियों का खामियाजा लोगों को नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा होने पर चालान के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
पिथौरागढ़ शहर में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण कार्य हो रहा है। इसके अलावा घुपौड़, रई सहित कुछ अन्य स्थानों पर पार्किंग के लिए स्थल चयनित किए गए हैं। नगरवासियों को पार्किंग की सुविधा मिले और शहर की सड़कें सुव्यवस्थित हों, इसके लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे।
- राजेंद्र सिंह रावत, पालिकाध्यक्ष, पिथौरागढ़।