सात सूत्री मांगों को लेकर उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी समन्वय मंच से जुड़े कर्मचारियों ने एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर शासन के खिलाफ धरना दिया। बाद में आक्रोशित कर्मियों ने प्रदर्शन कर मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
मंगलवार को टकाना स्थित रामलीला मैदान में मंच से जुड़े कर्मी एकत्र हुए और धरना दिया। उन्होंने प्रदेश के सभी कार्मिकों को केंद्र के समान भत्ते, सेवाकाल में न्यूनतम तीन पदोन्नतियां अनिवार्य रूप से देने, यू हेल्थ स्मार्ट कार्ड की सुविधा केंद्र सरकार की तर्ज पर सेवारत और सेवानिवृत्त कार्मिकों के लिए तत्काल लागू करने, अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण की पूर्ववर्ती व्यवस्था को यथावत रखने, एक अक्तूबर 2005 से लागू अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांगें उठाईं। उन्होंन कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर शासन ने सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो वह 13-14 जून को सामूहिक अवकाश लेकर कार्य बहिष्कार करेंगे। यदि इसके बाद भी उनकी उपेक्षा की गई तो वह आंदोलन की अगली रणनीति तय करेंगे।
कर्मचारियों के आंदोलन को पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर, पेंशनर्स एसोसिएशन के दयानंद भट्ट, प्रेम सिंह बिष्ट, एमपीएस डोबाल, केशर सिंह मेहता ने भी समर्थन दिया। धरना-प्रदर्शन में एमसी पंत, आरएस खनका, एमसी जोशी, विजेंद्र लुंठी, विक्रम नेगी, रमा पंत, दिनेश जोशी, विनोद चमोली, प्रताप सिंह मेहता, किशन चंद, कैलाश जोशी आदि मौजूद रहे।