पिथौरागढ़। सीमांत जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली मरीजों को तकलीफ दे रही है। बुधवार को बेस अस्पताल में लगे बिजली के पैनल में खराबी के चलते आपूर्ति बाधित रहने से पहली शिफ्ट के मरीजों का डायलिसिस नहीं हो सका। दूर गांवों से डायलिसिस के लिए पहुंचे मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
जिले के लिंठ्यूड़ा स्थित बेस अस्पताल में हंस फाउंडेशन की ओर से डायलिसिस यूनिट स्थापित की गई है। यहां हर रोज किडनी के 14 मरीजों की डायलिसिस होती है। किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। लोगों को हल्द्वानी या दिल्ली नहीं जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों और तीमारदारों को बड़ी राहत मिल रही है लेकिन विद्युत की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण कई बार डायलिसिस प्रभावित हो जाता है। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ। बेस अस्पताल में बिजली के कनेक्शन के लिए लगे पैनल में खराबी के चलते सुबह के समय डायलिसिस मशीनें बंद रहीं। इससे डायलिसिस के लिए दूर-दूर पहुंचे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी।
बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए खरीदा गया जनरेटर लंबे समय खराब है। सात डायलिसिस मशीनों के संचालन के लिए लाखों रुपये की लागत से जनरेटर खरीदा गया है लेकिन बिजली नहीं होने पर इसका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है।
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पैनल में खराबी के चलते सुबह की शिफ्ट में डायलिसिस के लिए मरीजों को परेशान होना पड़ा। जल्द पैनल को ठीक कर लिया जाएगा। डायलिसिस के लिए मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। - अजय आर्या, प्राचार्य, बेस अस्पताल पिथौरागढ़