थल क्षेत्र में बंदरों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रहीं हैं। फिर से बालेश्वर मंदिर में बंदर ने एक बुजुर्ग पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाना पड़ा। आए दिन इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र के लोगों में दहशत है।
पिथौरागढ़ जिले के थल क्षेत्र में बंदरों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रहीं हैं। फिर से बालेश्वर मंदिर में बंदर ने एक बुजुर्ग पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाना पड़ा। आए दिन इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र के लोगों में दहशत है।
मंगलवार सुबह बलतिर निवासी मनोहर राम बालेश्वर मंदिर में साफ-सफाई में जुटे थे। इसी बीच मंदिर परिसर में मौजूद एक बंदर ने उन पर हमला कर दिया। बचने के लिए भागने के दौरान वह गिर गए। बंदर ने फर्श पर गिरे बुजुर्ग के पैर में दातों से गहरे घाव कर दिए। उनके चिल्लाने की आवाज सुन आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब जाकर बंदर उन्हें छोड़कर भागा। लोगों ने उन्हें पीएचसी गोचर पहुंचाया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन लगाकर गहरे घाव देखते हुए जिला अस्पताल जाने की सलाह दी। सूचना मिलने पर वन बीट अधिकारी दीपक पंत मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। पूरन सिंह सत्याल सहित स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने कहा कि बाहर से पकड़े गए बंदरों को थल क्षेत्र में छोड़ा गया है जो हिंसक हो गए हैं। बंदर आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं।
ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का अकेले घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से बंदरों से निजात दिलाने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि बंदरों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचीं तीन महिलाओं पर भी झपटे थे बंदर
बरकुम में तेंदुए ने मवेशियों पर किया घायल
चंपावत सीमांत तल्लादेश के बरकुम में तेंदुए ने मवेशियों पर हमला कर घायल कर दिया। इस घटना के बाद से क्षेत्र में डर का माहौल है। सोमवार शाम छह बजे तेंदुए ने दो दुधारू पशुओं पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। सूचना पर पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मवेशियों का इलाज किया। पशुधन प्रसार अधिकारी अमित पांडे ने बताया कि पशुओं पर तेंदुए ने हमला कर अधिक घायल कर दिया था। उनको इलाज की जरूरत थी। समय पर इलाज नहीं मिलने से खतरा बढ़ सकता था। पांडे ने बताया कि पशुपालकों को आर्थिक हानि से बचाने के लिए मुख्यमंत्री राज्य पशुधन बीमा योजना के बारे में बताया गया और पशुओं में ईयर टैगिंग की गई।
टनकपुर में लावारिस जानवरों से परेशान हैं लोग