शहीद स्मारक में दीया जलाकर नमन करते कैलाश मानसरोवर यात्री
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छियालेख, गर्ब्यांग में भारी बारिश और धुंध के चलते दसवें दल के यात्री तीसरे दिन भी गुंजी की उड़ान नहीं भर पाए। वहीं, आठवें दल के यात्री लिपुपास से तकलाकोट पहुंच गए हैं। सातवें दल के यात्री परिक्रमा पूरी कर वापसी में दो दिन से गुंजी में फंसे हैं। 9वें दल के यात्रियों का गुंजी में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी के कंट्रोल रूप से मिली जानकारी के अनुसार सातवां दल दो वापसी में दो दिन से गुंजी में रुका हुआ है। आठवें दल के यात्रियों ने नाभीढांग से शुक्रवार रात ढाई बजे सुरक्षा दस्ता, मेडिकल और संचार टीम के साथ तकलाकोट को प्रस्थान किया। शनिवार सुबह 6.20 बजे यात्री लिपुपास और 7.10 बजे चीन सीमा में प्रवेश कर गए। चीनी सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों का बीजा, पासपोर्ट की जांच कर उन्हें आगे को रवाना कर दिया।
आईटीबीपी का सुरक्षा दस्ता लिपुपास से गुंजी की ओर लौट आया। 9वें दल के 52 यात्रियों का गुंजी में चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। सभी यात्री स्वस्थ पाए गए। उच्च हिमालयी क्षेत्र गुंजी, छियालेख, गर्ब्यांग में लगातार बारिश और धुंध के चलते वायुसेना के हेलीकॉप्टर गुंजी नहीं जा सके। दल के नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी ने बताया कि रविवार को मौसम खुलने पर यात्रियों को गुंजी पहुंचाया जाएगा।
यात्रियों ने शहीदों के नाम दीप जलाया
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के दसवें दल के 49 यात्रियों ने शनिवार को शहीद स्मारक पर एक दीप शहीदों के नाम पर जलाया। पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने यात्रियों को हिमालय बचाओ अभियान के अंतर्गत स्वच्छता की भी शपथ दिलाई। यात्रियों ने चंडाक रोड पर भ्रमण किया। इस मौके पर दल के संपर्क अधिकारी नितीश पाटिल, ओप्रकाश, यात्राधिकारी दीवान सिंह बिष्ट, महेश कांडपाल, प्रकाश मेहरा, प्रताप नाथ आदि थे।