तहसील बंगापानी के गैला, राप्ती, वाता गांव वालों को फिर आपदा का भय सताने लगा है। वर्ष 2012 में भी यह गांव आपदा की चपेट में आ चुके हैं। इस बार तीन मई को क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है। आठ परिवारों ने तो जर्जर हो चुके अपने मकानों को छोड़ दिया है। उन्होंने दूसरी जगह शरण ले रखी है।
गैला गांव के युवा सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम सिंह दानू ने डीएम को प्रभावित परिवारों की पूरी सूची उपलब्ध करा दी है। इस सूची में राप्ती गांव की गोमती देवी, भगवती देवी, दुर्गा सिंह, प्रेम सिंह, हरीश राम, मोहनी देवी, वाता की लक्ष्मी देवी, गैला के खीम सिंह के मकानों को खतरा होने की जानकारी दी गई है। कहा है कि गांव के निचले हिस्से में लगातार भूकटाव हो रहा है और मकानों में दरारें पड़ रही हैं। यदि यही स्थिति रही तो इस बार मानसून सीजन में गांव को गंभीर खतरा हो सकता है।
उन्होंने मांग की कि समस्या से निपटने के लिए गांव को शिफ्ट किया जाना बेहद जरूरी है। डीएम एचसी सेमवाल ने कहा कि गांव में राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीम भेजी जाएगी। यह देखा जाएगा कि गांव की सुरक्षा के लिए क्या उपाय हो सकते हैं। बहरहाल लोग भारी दहशत में हैं।