कैलास मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले हर दल के आगे और पीछे दो-दो पुलिसकर्मी रहेंगे। वापस आने वाले दलों के साथ भी यही व्यवस्था रहेगी। कैलास यात्रा मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती जून प्रथम सप्ताह में हो जाएगी। यात्रा मार्ग पर एक सीओ समेत 40 पुलिसकर्मी और होमगार्ड के 30 जवान तैनात किए जाएंगे। वायरलेस टीम के सात सदस्यों और एलआईयू के दो सदस्यों को भी यात्रा मार्ग पर तैनात किया जाएगा।
एसपी रोशन लाल शर्मा ने बताया कि कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर एक सीओ, चार उपनिरीक्षक, चार हेड कांस्टेबल, 32 कांस्टेबल, एलआईयू के दो, वायरलेस के सात और चतुर्थ श्रेणी के दो कर्मचारी तैनात होंगे। इनके अलावा होमगार्ड के 30 जवान भी तैनात किए जा रहे हैं। मुख्य स्थानों पर एसडीआरएफ के जवान तैनात होंगे। पुलिस के जवानों को गुंजी, गर्ब्यांग, बूंदी गाला, सिर्खा, तवाघाट, पांगला में तैनात किया जाएगा। पुलिस की वायरलेस टीम के कुछ कर्मचारी आईटीबीपी सातवीं वाहिनी में बनाए जाने वाले नियंत्रण कक्ष में भी तैनात रहेंगे। एसपी ने बताया कि कैलास मानसरोवर यात्रा की व्यवस्थाओं को वरीयता में रखा जाता है। पुलिस रेस्क्यू के साथ-साथ यात्रा मार्ग पर संचार की सुविधा भी देती है।
लिपुलेख दर्रे में मिलेगी ताजा बर्फ
मौसम में आए बदलाव के कारण इस बार भी कैलास मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले प्रथम दो दलों को लिपुलेख में बर्फ से होकर जाना पड़ेगा। यहां मिली सूचनाओं में कहा गया है कि कालापानी, नाभीढांग, लिपुलेख में ताजा हिमपात हुआ है। यदि आगे मौसम खराब होता है तो कम से कम लिपुलेख में जून के मध्य तक बर्फ मौजूद रहेगी।
मौसम बिगड़ा तो रास्ता होगा खराब
यदि मौसम का रुख बदलता है तो कैलास मानसरोवर पैदल यात्रा को नुकसान पहुंचेगा। इस बार सर्दियों में कम हिमपात होने से रास्ता लगभग सुरक्षित है, लेकिन अब यह आशंका बढ़ने लगी है कि कहीं बारिश और बर्फबारी से रास्ते को नुकसान न पहुंच जाए। कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि रास्ते की स्थिति का जायजा लेने के लिए टीम मई के अंत में फिर भेजी जाएगी।