बारहमासी सड़क पर घाट के पास हड़ रहे धूल के गुबार।
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बारहमासी सड़क पर घाट से गुरना तक करीब 15 किलोमीटर की दूरी तक जगह-जगह पर एक बार फिर से धूल उड़ने लगी है। पिछले हफ्ते हुई हल्की बारिश से कुछ दिनों तक लोगों को धूल से निजात मिली थी, लेकिन अब फिर से धूल उड़ने का क्रम शुरू हो गया है। सोमवार सुबह सड़क की कटिंग के दौरान गिर रहे मलबे के साथ उड़ रही धूल से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, सोमवार को भी इस सड़क पर सुबह 11 से 12 बजे तक मलबा गिरने के कारण यातायात बाधित रहा।
सड़क पर गिर रही धूल से लोगों को राहत देने के लिए पिछले दिनों डीएम सी रविशंकर ने एनएच के अधिकारियों को आदेश दिए थे कि धूल को रोकने के लिए पानी की छिड़काव करें, लेकिन इस आदेश पर अमल नहीं हुआ है। यात्रियों ने बताया कि धूल इतनी ज्यादा है कि सफर के दौरान सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। घाट से लेकर गुरना तक सभी पेड़, पौधों पर धूल की मोटी परत जम गई है। सड़क निर्माण का काम तेज होते ही लोगों की परेशानी भी बढ़ने लगी है। एनएच ने बारहमासी सड़क का निर्माण समय पर पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इस कारण काम तेजी से हो रहा है।
घाट से गुरना के बीच करीब रोज ही मलबा गिरने के कारण यातायात बाधित हो रहा है। पिछले एक महीने से सड़क निर्माण का काम जारी है और इस दौरान इस सड़क पर सफर करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिथौरागढ़ से टनकपुर, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, गंगोलीहाट जाने वाले यात्रियों और इन स्थानों से पिथौरागढ़ को आने वाले यात्रियों को रोज सड़क बंद होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न स्थानों पर एक साथ खुदाई हो रही है। इस कारण कहां पर मलबा गिरकर यातायात बाधित होगा, कहा नहीं जा सकता।