निर्माणाधीन मकान के पास खड़े आपदा प्रभावित
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30 जून 2016 के आपदा प्रभावित कुमालगौनी के लोगों को प्रशासन और सरकार जमीन का आवंटन नहीं करा पाए। इस पर बेघर हो चुके दो परिवारों ने कुमालगौनी के पास ही सड़क किनारे भवन निर्माण का काम शुरू कर दिया। राजस्व विभाग ने निर्माण स्थल की जमीन को बेनाप बताते हुए दोनों लोगों का चालान कर दिया है। आपदा प्रभावितों ने राजस्व विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
कुमालगौनी के आपदा प्रभावित बहादुर राम और महेश राम ने एक महीना पहले घटनास्थल के पास सड़क के किनारे मकान बनाना शुरू किया। एक सप्ताह पहले राजस्व विभाग ने जमीन को बेनाप बताते हुए चालान कर दिया। आपदा प्रभावितों का कहना है कि आपदा के बाद प्रशासन ने बेड़ीनाग के बैठोली गांव में जमीन देने का वादा किया था। स्थानीय लोगों के विरोध के कारण जमीन आवंटन नहीं हो पाया। सरकार ने मकान बनाने के लिए केवल एक लाख रुपये दिए हैं। सरकार जमीन दिला नहीं पाई। इससे आपदा प्रभावितों के पास रहने की जगह नहीं है। उन लोगों के घर के पास सरकारी जमीन है।
इस जमीन को आवंटित करने की मांग पूरी नहीं की जा रही है। कहा कि वह लोग मकान बना रहे हैं तो राजस्व विभाग चालान कर रहा है। हालांकि आपदा प्रभावितों ने चालान के बाद भी मकान बनाने का काम जारी रखा है। कहा है कि यदि प्रशासन जबरदस्ती करता है तो वह लोग आंदोलन शुरू करेंगे। कहा कि सरकार उन लोगों को मकान बनाने के लिए क्षेत्र में ही सरकारी जमीन का आवंटन करे। कुमालगौनी हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। पांच परिवार बेघर हो गए।