जिले में मौसम का मिजाज शुक्रवार को भी खराब रहा। डीडीहाट में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। अस्कोट में करीब 15 मिनट तक हुई ओलावृष्टि से फलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचा है। मुनस्यारी के खलियाटॉप, बेटुलीधार, राजरंभा में शुक्रवार को भी सुबह के समय हिमपात हुआ। मुनस्यारी में कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार बादलों की आवाजाही अभी कुछ दिनों तक बनी रहेगी और ऊंची चोटियों पर हिमपात होगा।
जिला मुख्यालय में दोपहर बाद आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवा चलने लगी। इस कारण तापमान में गिरावट आ गई। अस्कोट में ओलों की मार से आड़ू, पुलम, खुबानी, आम के फलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं और मसूर की फसल को भी क्षति पहुंची है। इस बीच घाटी वाले इलाकों में भी अभी ठंड का असर बना हुआ है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-0.0 एमएम
बेड़ीनाग-1.0 एमएम
मुनस्यारी-9.0 एमएम
डीडीहाट-2.0 एमएम
धारचूला-2.0 एमएम
जंगलों में आग का खतरा कम हुआ
मौसम में आए इस परिवर्तन से जंगलों में आग लगने का खतरा फिलहाल कम हो गया है। अधिकांश इलाकों में निम्न और मध्यम स्तर की बारिश होने से वन विभाग को राहत मिलती जा रही है। वन रेंजर दिनेश जोशी ने बताया कि इस समय किसी भी जंगल में आग नहीं लगी है। यदि मौसम ने साथ दिया तो इस बार दावाग्नि का असर कम रहेगा।