सीमांत क्षेत्र की लचर संचार सेवाओं से आक्रोशित व्यापारियों तथा उपभोक्ताओं ने सोमवार को मुख्य चौराहे पर केंद्रीय संचार मंत्री और बीएसएनएल के जीएम का पुतला फूंक डाला। व्यापारियों का कहना है कि धारचूला के लोग सिर्फ बीएसएनएल के भरोसे हैं। यदि कभी लाइन टूट गई तो बीएसएनएल के कर्मचारी एक हफ्ते तक उसे जोड़ने का काम नहीं करते।
व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र थापा के नेतृत्व में एकत्रित लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार और बीएसएनएल के अधिकारियों को इतना भी आभास नहीं है कि संचार सेवाएं ठप होने के कारण हर महीने कितना राजस्व का नुकसान हो रहा है। क्योंकि लोग मजबूरी में नेपाल की संचार सेवाओं का सहारा ले रहे हैं। लोगों ने मांग की कि तत्काल धारचूला के मोबाइल टावर की क्षमता बढ़ाई जाए। ठाणीधार, कोटेरा और सिमियाखोला में मोबाइल टावर लगाए जाएं। यदि जल्दी संचार सेवाओं में सुधार नहीं किया गया तो व्यापारी एक बार फिर बड़ा आंदोलन छेड़ देंगे। पुतला दहन के समय व्यापारी अब्दुल कलाम, प्रकाश गुंज्याल, महिराज गर्ब्याल, राजू गंडी, ईश्वर बिष्ट, ओपी वर्मा, लीला धामी, इंदिरा धामी, राजेश कुटियाल, जयंती देवी, मान सिंह धामी समेत तमाम लोग थे। धारचूला में संचार सेवा लगभग रोज खराब रहती है। इंटरनेट सेवाओं का लाभ लोग नहीं ले पाते हैं।