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आशा बनीं 15 साल है गो रे, कब दिले सरकार तनख्वाह रे............. दो हजार रुपये दिनी कसका पालू नांतिना

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मुनस्यारी में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करती आशाएं। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़/गंगोलीहाट/मुनस्यारी/चंपावत। जिले में आशा कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर खेल लगाकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने गीतों और बोलों के माध्यम से सरकार पर तीखा प्रहार किया।
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जिला मुख्यालय में जिलाध्यक्ष इंदिरा देउपा के नेतृत्व में आशाओं ने आठूं और जन्माष्टमी पर्व पर खेल लगाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें आशा बने हुए 15 साल हो गए लेकिन सरकार उन्हें इतना कम पैसा दे रही है। इससे घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। कहा कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे 31 अगस्त को सीएम के खटीमा स्थित कैंप कार्यालय कूच करेंगी।
वहां हेमलता सौन, चंद्रकला, लीला जोशी, उर्मिला पाल, माहेश्वरी, पूनम देवी आदि थे। गंगोलीहाट में ब्लॉक अध्यक्ष उमा मेहरा के नेतृत्व में रीता देवी, मंजू बिष्ट, सुलोचना देवी, जानकी देवी, भागीरथी देवी, कमला बिष्ट धरने पर डटीं रहीं। मुनस्यारी में आशाओं ने गीत गाकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
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चंपावत में आशा कार्यकर्ता सुबह गोलू मंदिर पहुंचीं। उन्होंने भजन गाकर सरकार की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की। वहां ब्लॉक अध्यक्ष रुकमणी जोशी, जिला उपाध्यक्ष हेमा जोशी, माधवी बरदोला, संगीता प्रहरी, सीता चौधरी, नीलू महर आदि थीं।
टनकपुर में संगठन की अध्यक्ष लीला ठाकुर ने बताया कि एक सितंबर को क्षेत्र के दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा जाएगा। धरना-प्रदर्शन में पूनम सक्सेना, मीना चंद, निर्मला महर, माया चौहान, दुर्गा देउपा, शकुंतला भंडारी आदि रहीं।
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