देहरादून में शनिवार को हुई आईएमए की पासिंग आउट परेड में इस जिले के तीन युवाओं को सेना में अफसर बनने का सौभाग्य मिला है। इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बनने के लिए इन युवाओं के परिजन भी देहरादून पहुंचे थे।
वायुसेना छोड़ थल सेना में गए देवेंद्र
डीडीहाट। डीडीहाट तहसील के अजेड़ा गांव निवासी देवेंद्र सिंह अधिकारी शनिवार को सैन्य अफसर बन गए। प्राथमिक शिक्षा पिथौरागढ़ के आनंद मार्ग स्कूल से लेने वाले देवेंद्र ने विवेकानंद विद्या मंदिर से इंटर पास किया। इंटर पास करते ही वह वायुसेना में भर्ती हो गए, लेकिन थल सेना में अफसर बनने की चाहत में उन्होंने सेना में कमीशन पास किया। देवेंद्र अपना आदर्श ताऊ हयात सिंह अधिकारी और ताई माधवी देवी को मानते हैं। देवेंद्र का कहना है कि इरादा पक्का हो तो मंजिल जरूर मिलती है।
मृत्युंजय ने परिवार की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाया
बेड़ीनाग। बेड़ीनाग तहसील के जाड़ापानी गांव निवासी मृत्युंजय सिंह के पिता कवींद्र सिंह मेहरा इस समय भारतीय सेना में मेजर जनरल पद पर माउंटेन डिप में कमांडर के पद पर कार्यरत हैं। उनके दादा स्व. नारायण सिंह मेहरा सेना में कैप्टन रहे थे। ताऊ नरेंद्र सिंह और चाचा देवेंद्र सिंह सेना में कर्नल हैं। मृत्युंजय की माता बबीता का कुछ समय पूर्व निधन हो गया था। शनिवार को हुई पासिंग आउट परेड के समय मृत्युंजय के पिता कवींद्र सिंह और बहन सौगंधिका मौजूद रहे। मृत्युंजय की तैनाती पैरा कमांडो में हुई है।
नमन ने जर्मनी में भी लिया प्रशिक्षण
थल। गंगोलीहाट के फुटसिल निवासी नमन भट्ट की ननिहाल थल के पास कोटीगांव में है। नमन भी शनिवार को सैन्य अफसर बन गए। प्रशिक्षण के दौरान श्रेष्ठ श्रेणी मिलने के कारण उनको बेहतर प्रशिक्षण के लिए जर्मनी भेजा गया था। नमन के पिता हरीश चंद्र भट्ट अब हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा में बस गए हैं। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से पढ़ाई करने के बाद नमन ने सेना में कमीशन पास किया। नमन के नाना केशव दत्त भट्ट ने बताया कि इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी है। सभी परिजनों और रिश्तेदारों को इसकी मिल गई।