पनार घाटी के बालीखेत गांव में पंचेश्वर बांध के विषय पर चर्चा करते लोग
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पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले पनार घाटी के गांवों में मायूसी का आलम है। इस घाटी के ज्यादातर गांव अल्मोड़ा जिले में आते हैं। खेतीबाड़ी, पशुपालन, बकरीपालन, मत्स्य पालन से अपने परिवारों का भरण-पोषण करने वाले इन गांवों के लोगों की आर्थिक स्थिति सामान्य स्तर की है। उसमें भी बांध के डूब क्षेत्र में आने की सूचना भर से इन लोगों के मन में भय और आशंका जन्म ले रही है।
पनार घाटी के बालीखेत, स्यालीखेत, सांग्यो, पिठारद्यो, पोखर, द्योला आदि गांवों तक जब पंचेश्वर घाटी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का दल पहुंचा तो लोगों का दर्द खुलकर सामने आया। इन गांवों तक सड़क संपर्क नहीं है, लेकिन लोग फिर भी उपलब्ध संसाधनों से बेहतर आजीविका चला रहे हैं। बालीखेत में हुई बैठक में लोगों ने कहा कि हर परिवार को कम से कम 30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, 500 वर्गमीटर जमीन मकान के लिए दी जाए। जिला मुख्यालय में जो प्रचलित सर्किल रेट हैं, उसका आठ गुना मुआवजा दिया जाए।
ग्राम प्रधान खीम सिंह, पूर्व प्रधान भूपाल सिंह, गोविंद सिंह, जगत सिंह, माधवी देवी, हरीश सिंह आदि की मौजूदगी में समिति के संयोजक मनोज सिंह सामंत एवं अध्यक्ष मान सिंह सामंत ने लोगों की बातें सुनी और हर कदम पर साथ देने का वादा किया। नए साल पर असरदार तरीके से आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है।