कीड़ाजड़ी दोहन को प्रतिबंधित करने की मांग के लिए धरना प्रदर्शन करते तीन गांवों के ग्रामीण। स्रो
पिथौरागढ़। मुनस्यारी के पंचाचूली अवर्गीकृत क्षेत्र में अवैध कीड़ाजड़ी दोहन के मामले में ग्राम पंचायत राप्ती, बाता और वल्थी के ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने डीएम को पंचाचूली अवर्गीकृत क्षेत्र में हो रहे अवैध कीड़ाजड़ी दोहन को हमेशा के लिए प्रतिबंधित करने की मांग करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई नहीं करने पर आंदोलन और चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।
रविवार को तीनों ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बोना सड़क पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम पंचायत गैला पत्थरकोट के ग्रामीण पंचाचूली के अवर्गीकृत क्षेत्र में कई वर्षों से अवैध कीड़ाजड़ी का दोहन कर रहे हैं। इससे अवर्गीकृत क्षेत्र में निवास करने वाले वन्यजीवों को नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा लोग अवर्गीकृत क्षेत्र में पाॅलीथिन सहित अन्य प्रकार का कूड़ा फेंक रहे हैं। इससे ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं।
उन्होंने वन क्षेत्राधिकारी मुनस्यारी की ओर से इस अवर्गीकृत क्षेत्र में पास जारी करने का भी विरोध किया है। कहा है कि इस अवर्गीकृत क्षेत्र में किसी भी इन्सान के लिए प्रवेश वर्जित होना चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में वन पंचायत राप्ती के सरपंच प्रेम सिंह, बाता के सरपंच नरेंद्र सिंह, वल्थी के सरपंच भवान सिंह, कैलाश सिंह देवली, तुलसी देवी, मोहनी देवी, प्रेमा देवी, आनंदी देवी, प्रेमा देवी सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहे। संवाद