मुनस्यारी एसडीएम कार्यालय में धरना देते बुंईं पातों के ग्रामीण। संवाद
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। पिछले 21 दिन से लापता बुंईं पातों निवासी प्रदीप दरियाल का अब तक कोई सुराग नहीं लगने से चिंतित क्षेत्रवासियों ने सोमवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर जुलूस निकाला। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की एसआईटी जांच की मांग की। साथ ही तहसील कार्यालय में धरना भी दिया।
दरअसल, 21 दिन पहले टैक्सी से सवारियां लेकर हल्द्वानी से धारचूला आए प्रदीप दरियाल रात में अपने घर मुनस्यारी लौट रहे थे। जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर किमखोला के पास उनका वाहन काली नदी किनारे क्षतिग्रस्त हालत में मिला। तब से प्रदीप लापता है। जिस जगह पर वाहन मिला वहां तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन प्रदीप का कुछ पता नहीं चला। सोमवार को आक्रोशित बुंईं पातों क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में करीब 32 किमी दूर मुनस्यारी पहुंचे।
यहां उन्होंने नारेबाजी कर नगर में जुलूस निकालने के बाद एसडीएम कार्यालय परिसर में धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। अब तक प्रदीप का पता नहीं चल सका है। ऐसे में प्रदीप की सकुशल बरामदगी के लिए एसआईटी गठित कर मामले की जांच कराई जाए।
मुनस्यारी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक जगत मर्तोलिया ने कहा कि इस मांग पर मंगलवार को मुनस्यारी पहुंच रहे मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार आशीष रौतेला के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भी भेजा। प्रदर्शन करने वालों में मनोहर दरियाल, नरेंद्र धक्रियाल, रूद्र पंडा, श्रीराम धर्मशक्तू, देवेंद्र देवा, मनोहर टोलिया, लोक बहादुर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।