पिथौरागढ़। रिंगू के ग्रामीणों ने रिंगू अठासी क्षेत्र में गैला, पत्थरकोट के ग्रामीणों पर कीड़ा जड़ी दोहन के लिए अवैध हक जताने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान गणेश सिंह के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर रिंगू अठासी क्षेत्र में कीड़ा जड़ी दोहन के लिए परमिट जारी करने पर रोक लगाने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि रिंगू अठासी वन पंचायत रिंगू ग्राम पंचायत के अधीन है। वे वन पंचायत की देख-रेख कर वहां से कीड़ा जड़ी दोहन करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैला पत्थरकोट के ग्रामीणों ने बैठक कर रिंगू अठासी वन पंचायत में कीड़ा जड़ी दोहन के अधिकार का प्रस्ताव पास किया है। बैठक में गैला, राप्ती वन पंचायत इस क्षेत्र में कीड़ाजड़ी दोहन के लिए परमिट जारी करेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव गलत है। रिंगू अठासी वन पंचायत क्षेत्र में गैला, राप्ती के ग्रामीणों का कोई अधिकार नहीं है। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी वन पंचायत में अतिक्रमण किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र में कीड़ाजड़ी दोहन के लिए परमिट जारी करने पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सरपंच खीम सिंह, भोपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रह्लाद सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।