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दीनबंधु दयासिंधु जगत के पालन हारा...

Fri, 22 Sep 2017 10:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/थल
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थल की रामलीला में भगवान शिव की आराधना करता रावण - फोटो : अमर उजाला
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पहली नवरात्र से पहाड़ पर रामलीला की धूम मच गई है। नगर के टकाना, सदर के साथ ही थल में रामलीला मंचन शुरू हो गया है। पहले दिन रामजन्म तक की लीला हुई।
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जिला मुख्यालय की दोनों रामलीला में पहले दिन रामलीला की शुरुआत नारद मोह से हुई। नारद मोह के भव्य मंचन के बाद रावण, कुंभकरण, विभीषण के वरदान मांगने के प्रसंग का मंचन किया गया। देवगण धरती पर राक्षसों के बढ़ते आतंक को समाप्त करने के लिए भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। कहते हैं- दीनबंधु दयासिंधु, जगत के पालन हारा। आकाशवाणी होती है कि जल्द ही भगवान विष्णु धरती पर अवतार लेंगे।

राजा दशरथ के दरबार में राजा महर्षि वशिष्ठ से संतान न होने की चिंता प्रकट करते हैं। महर्षि की सलाह पर राजा दशरथ पुत्रेष्टि यज्ञ करते हैं। यज्ञ के प्रसाद का वितरण तीनों रानियों में किया जाता है फिर भगवान राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न का जन्म होता है। राजमहल में खुशी छा जाती है। नगरवासी झूम कर मंगलगीत गाते हैं।
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थल की रामलीला में नटी सूत्रधार नाटक से रामलीला की शुरुआत हुई। नटी, सूत्रधार गाते हैं-सीता पति रामचंद्र, श्री पति रघुराई। वरिष्ठ व्यापारी प्रताप सिंह पंचपाल ने रामलीला की उद्घाटन किया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष देवराज सिंह सत्याल ने अतिथियों का स्वागत किया। आस्ट्रेलियाई नागरिक ज्योफ कैवंड ने भी पूरी रामलीला का आनंद लिया। ज्योफ ने कहा कि उन्हें रामायण से लगाव है। ज्योफ को व्यवस्थापक दिनेश पाठक ने सम्मानित किया।
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