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नोटबंदी और जीएसटी से रेडीमेड व्यापार पर खासा असर

Fri, 22 Sep 2017 10:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में रेडीमेड की दुकान में पसरा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
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त्योहार शुरू हो गए हैं, लेकिन रेडीमेड की दुकानों में ग्राहकों की पिछले साल जैसी भीड़ नहीं है। नोटबंदी के बाद गिरा बाजार अब भी सही से नहीं उठ पाया है। उसके बाद जीएसटी के झंझट ने इसे और ज्यादा प्रभावित कर दिया। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद रेडीमेड कपड़ों की कीमतें बढ़ने लगी हैं। जींस, जैकेट, कमीज, पैंट समेत सभी प्रकार के कपड़ों के दाम बढ़ गए हैं।
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व्यापारियों का कहना है कि पिछले साल नवंबर में हुई नोटबंदी के बाद ग्राहकों की खरीद क्षमता प्रभावित हुई है। अब ग्राहक बहुत जरूरी हुआ तभी रेडीमेड कपड़े खरीदने आ रहे हैं। जीएसटी लागू होते समय जो संशय था वह अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है। रेडीमेड कपड़ों की कीमतें बढ़ रही हैं और नुकसान ग्राहक तथा दुकानदार दोनों को हो रहा है। जीएसटी में टैक्स 18 से 28 प्रतिशत तक बढ़ा है। आउटफिट रेडीमेड स्टोर के मालिक दिनेश नगरकोटी ने कहा कि अब कम मात्रा में सामान मंगा रहे हैं, ताकि उसकी सही ढंग से बिक्री हो जाए। पूरे बाजार की स्थिति एक सी है। रेडीमेड की दुकानों में अब पहले जैसी भीड़ नहीं दिखती।

इधर, व्यापारियों ने दिवाली की तैयारी तो शुरू कर दी है, लेकिन बिक्री किस तरह की रहेगी, कहा नहीं जा सकता। ब्रांडेड सामान बेचने वालों के सामने ज्यादा समस्या है। जो व्यापारी फड़ों में दिल्ली के खुले बाजार से रेडीमेड कपड़े लाकर बेचते थे, उनको जीएसटी लागू होने के बाद पर्याप्त सामान नहीं मिल पा रहा है।
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