अस्कोट के पास पिनौड़ागाड़ में बने मोटर पुल से होती आवाजाही
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पिनौड़ागाड़ में गिरने वाला मलबा इस बरसात में मुसीबत का कारण नहीं बनेगा। पिनौड़ागाड़ में 50 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा पुल बन गया है। सड़क से हटकर बनाए गए पुल के कारण मलबे से यातायात प्रभावित नहीं होगा।
अस्कोट से डेढ़ किमी आगे ओगला की ओर पिनौड़ागाड़ नामक स्थान पर बरसात में मलबा गिरता है। इससे सड़क अक्सर बंद रहती थी। सीमा सड़क संगठन ने मलबा गिरने से रोकने के लिए कई उपाय किए, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। बीआरओ ने पिनौड़ागाड़ में सड़क से थोड़ा नीचे पुल बनाने का फैसला लिया। सितंबर 2015 में 6 करोड़ रुपये लागत के पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ। बीते फरवरी में पुल बनकर तैयार हुआ।
एक सप्ताह पहले पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। पुल से एक समय में कई वाहन गुजर सकते हैं। बरसात में यदि मलबा गिरेगा भी तो पूर्व में बनी सड़क पर गिरेगा, इससे यातायात बाधित नहीं होगा। सीमा सड़क संगठन के ब्रिज कंट्रक्शन कंपनी के अवर अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि पिनौड़ागाड़ में हर बरसात में मलबा गिरने से सड़क बंद होती थी, इसी को ध्यान में रखकर पुल का निर्माण किया गया है।
जगनाला में पुल बनाने का काम शुरू
सीमा सड़क संगठन के ब्रिज कंट्रक्शन कंपनी के अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि चर्मा के पास जगनाला में 40 मीटर लंबे पुल का निर्माण शुरू हो गया है। इस स्थान पर सड़क संकरी होने से यातायात संचालन में दिक्कत आती है। जेई का कहना है कि एक साल के भीतर पुल बनकर तैयार हो जाएगा।