बारिश से सुरिंगगाड़ परियोजना के निर्माण को हो रहा नुकसान
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धारचूला, मुनस्यारी क्षेत्र में शनिवार रात हुई बारिश से कई स्थानों पर फिर से सड़क पर मलबा पट गया और खेतों, घरों तक भी मलबा आ गया। मुनस्यारी में निर्माणाधीन सुरिंगगाड़ परियोजना की सामग्री बारिश के साथ बह गई। मुनस्यारी बाजार में एसडीएम आफिस के पास की एक दीवार टूट गई और स्टेशन के पास के नाले का रुख पलट गया। एसडीएम वैभव गुप्ता ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और बचाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदाकाल में सभी विभागों को अलर्ट रहना होगा।
धारचूला में शनिवार रात फिर मूसलाधार बारिश हुई, जिससे पय्यांपौड़ी, बंगापानी, छोरीबगड़ में लोग भारी दहशत में हैं। मदकोट में भी गोरी उफान पर है और आपदा से प्रभावित इस कस्बे के लोग बारिश आते ही सहम जाते हैं। एसडीएम एसके पांडे ने बारिश से हो रहे नुकसान का आकलन शुरू करवा दिया है। इस बीच जिले के अन्य इलाकों में भी बारिश का क्रम जारी है। अलबत्ता मुख्य मार्गों पर यातायात सामान्य रूप से चला हुआ है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-4.0 एमएम
गंगोलीहाट-2.0 एमएम
बेड़ीनाग-5.4 एमएम
डीडीहाट-4.0 एमएम
मुनस्यारी-8.0 एमएम
धारचूला-24.2 एमएम
महाकाली अब खतरे के निशान के करीब
पिथौरागढ़। महाकाली में खतरे का निशान 890 मीटर पर लगा है, लेकिन रविवार को महाकाली का जलस्तर 887.70 मीटर तक पहुंच गया। अभी मानसून की बारिश शुरू नहीं हुई है। ऐसे में इस बार महाकाली खतरनाक रूप ले सकती है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा ने बताया कि जिले की अन्य नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है, लेकिन अभी वह सामान्य स्थिति में हैं।
डीएम ने फिर जारी किया 24 घंटे का अलर्ट
पिथौरागढ़। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने अगले 24 घंटे में अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया है। डीएम ने कहा कि पहली वरीयता सड़क पर यातायात बहाल रखने और खतरे से घिरे लोगों को सुरक्षा पहुंचाना है। उन्होंने सभी एसडीएम से कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में बराबर निगरानी करें।