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एनएच पर आया मलबा, एक घंटे लगा जाम

Wed, 03 Apr 2019 10:53 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन कनालीछीना/पिथौरागढ़।
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मलबा आने से एनएच में गुड़ौली के पास लगा जाम। - फोटो : अमर उजाला
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 गुड़ौली में मलबा आने से तवाघाट-टनकपुर एनएच एक घंटे जाम रहा। इसके चलते यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस स्थान पर दरक रही पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। 
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इस समय पिथौरागढ़ से धारचूला तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सीमा सड़क संगठन सड़क का चौड़ीकरण कर रहा है। 19 मार्च को पहाड़ी काटने के लिए की गई ब्लॉस्टिंग से पूरी पहाड़ी दरककर सड़क पर आ गई थी। हजारों टन मलबा और पेड़ सड़क में आने से एक सप्ताह तक वाहनों की आवाजाही ठप रही थी। धारचूला और डीडीहाट क्षेत्र के यात्रियों को पीपली और थल मुवानी से घूमकर आवाजाही करनी पड़ी थी। 27 मार्च को मलबा हटाने के बाद यातायात सुचारु हुआ। सड़क में अब भी रुक रुककर मलबा गिर रहा है। बुधवार की सुबह फिर सड़क पर मलबा आ गया। इससे लगभग एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की कतार लग गई। मलबा हटने के बाद आवागमन शुरू हुआ। सड़क कटिंग के कारण जौलजीबी से लेकर सतगढ़ तक आवाजाही में कठिनाई हो रही है। 

ब्लॉस्टिंग से हिल रहे है मकान
कनालीछीना। सड़क कटिंग के लिए ब्लॉस्टिंग की जा रही है। इससे मकान हिल रहे हैं। ब्लॉस्टिंग से पत्थरों से चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। ब्लॉस्टिंग से अजाड़ीगांव में घरों की छतों और आंगन तक पत्थर पहुंच रहे हैं। रिटायर्ड सूबेदार जेसी पांडेय सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ब्लॉस्टिंग के दौरान खेतों में काम करने में भी खतरा बना हुआ है। ब्लॉस्टिंग के साथ ही सड़क कटिंग के मलबे से पेड़-पौधों सहित पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भवनों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सड़क कटिंग के लिए ब्लॉस्टिंग के बजाय नई तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। ब्यूरो
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