थल-मुनस्यारी सड़क में खाई में गिरी जीप।
- फोटो : पिथौरागढ़
नाचनी के पास बोलेरो के खाई में गिरने से मुंहबोली बेटी को भिटौली देने मुनस्यारी जा रही महिला की मौत हो गई, जबकि हादसे में चालक सहित चार लोग घायल हो गए।
बुधवार को पिथौरागढ़ से सवारियों को लेकर मुनस्यारी जा रही सयाना ट्रेवल्स की बोलेरो (यूके 05 टीए-1779) नाचनी से 400 मीटर आगे ऑल्टो कार से टकराने के बाद 30 मीटर गहरी खाई में गिर गई। सूचना पर नाचनी थानाध्यक्ष महेश कांडपाल पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। नाचनी बाजार से युवा दीपू चुफाल, शंकर पाठक, भरत चुफाल और अन्य व्यापारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया। एक महिला राजेश्वरी देवी (49) पत्नी दौलत सिंह निवासी टकाड़ी पिथौरागढ़ की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी शिनाख्त आधार कार्ड से हुई। हादसे में चालक हीरा सिंह चिराल निवासी फल्यांटी मुनस्यारी, ईश्वर सिंह (29) निवासी फल्यांटी, प्रह्लाद कोरंगा (52) और गोपाल सिंह मर्तोलिया (65) दोनों निवासी मुनस्यारी घायल हो गए। घायलों को पुलिस और भाजपा नेता जगत मर्तोलिया ने थल स्थित गोचर अस्पताल भिजवाया। जीप हादसे में मीना मर्तोलिया निवासी तल्ला घोड़पट्टा और नवीन कुमार निवासी मुनस्यारी छिटक गए। उन्हें खरोंच तक नहीं आई है।
बेटी ने मुनस्यारी निवासी महिला को बनाया है मुंहबोली बहन
पिथौरागढ़। नाचनी जीप हादसे का शिकार हुई टकाड़ी निवासी राजेश्वरी देवी पहाड़ की पुरातन परंपरा का निर्वहन करते हुए अपनी बेटी की मुंहबोली बहन को भिटौली देने मुनस्यारी जा रही थी।
राजेश्वरी देवी के पति दौलत सिंह ठकुराठी की पहले ही मौत हो गई है। उनके दो बच्चे एक बेटी और एक बेटा है। बेटी जीवंती की शादी हो गई है जबकि बेटा बब्बू अहमदाबाद गुजरात में नौकरी करता है। मृतका के चचेरे भतीजे मन्नु ठकुराठी ने बताया कि जीवंती ने मुनस्यारी निवासी किसी महिला को अपनी बहन बनाया है। राजेश्वरी देवी उसे भी अपनी बेटी की तरह ही प्यार करती थीं। बुधवार को वह इस मुंहबोली बेटी को भिटौली देने जा रही थी। उन्होंने बाजार से मिठाई खरीदी और हंसीखुशी मुनस्यारी जा रही बोलेरो में सवार हो गईं। उन्हें क्या पता था कि नाचनी से महज 400 मीटर आगे मौत उसका इंतजार कर रही है। अभी उस बेटी को भी यह पता नहीं है कि उसे प्यार से भिटौली देने आ रही उसकी मुंहबोली दीदी की मां हादसे में काल का ग्रास बन गई हैं। मृतका के पास से मिले आधार कार्ड और उसके बैग से बिखरे मिठाई और अन्य भिटौली के सामान को देख घटनास्थल पर सभी की आंखें भर आईं।
घायलों को अस्पताल ले जाने को नहीं मिली 108
नाचनी। हादसे के बाद चारों घायलों को गोचर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। घायलों की तीमारदारी में लगे भाजपा नेता जगत मर्तोलिया ने बताया कि उन्होंने 108 एंबुलेंस को शाम साढ़े छह बजे फोन किया। इस पर उन्हें जवाब मिला कि आठ बजे से पहले एंबुलेंस नहीं मिल सकती है। कर्मचारी नहीं हैं। मर्तोलिया ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी, डिप्टी सीएमओ को भी फोन किया। रात साढ़े सात बजे तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने से वह अपने वाहन में चालक हीरा सिंह को छोड़ अन्य तीन घायलों को लेकर जिला अस्पताल को रवाना हो गए। चालक ने कहा कि वह परिजनों के साथ अस्पताल आएगा।