पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते अस्कोट और बेड़ा के ग्रामीण।
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पिथौरागढ़। अस्कोट क्षेत्र के बेड़ा गांव में युवक गौरव उपाध्याय (27) की मौत का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। पूर्व में खुलासे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एनएच जाम किया था। इसके बाद ग्रामीणों पर केस दर्ज किया गया है। इससे आहत होकर गौरव की मां और पत्नी ने गांव छोड़ दिया है। दोनों अस्कोट कस्बे में किराए पर कमरा लेकर रह रही हैं। इधर मौत के खुलासे और ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया।
29 नवंबर को बेड़ा गांव निवासी गौरव उपाध्याय (27) लापता हो गया था। कुछ दिन बाद उसका शव बेड़ा गांव से 200 मीटर दूरी पर स्थित गधेरे में संदिग्ध अवस्था में मिला। जांच में पुलिस ने भी माना था कि गौरव की हत्या हुई है। उन्होंने बताया कि मौत के कारणों का खुलासा करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बेड़ा में एनएच बंद कर दिया था। इस पर ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं। मृतक गौरव की मां कमला का कहना है कि बेटे की मौत का कारणों का खुलासा करने की मांग को लेकर उनके कहने पर ग्रामीणों ने एनएच को बंद किया था। उनका कहना है कि ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज करना गलत है। गांव वालों पर झूठे मुकदमे हो रहे हैं इसलिए उन्हें काफी शर्मिंदगी हो रही है। इससे आहत होकर उन्होंने गांव छोड़ दिया है। उनका कहना है कि ग्रामीणों पर नहीं उन पर मुकदमे होना चाहिए। क्योंकि उनके कहने पर ग्रामीणों ने एनएच बंद किया था। बुधवार को अस्कोट और बेड़ा के ग्रामीण कांग्रेस नेता प्रदीप पाल के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने यहां एडीएम को ज्ञापन देकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पुलिस गौरव की मौत का खुलासा करने की बजाय ग्रामीणों पर एनएच बंद करने को लेकर मुकदमे दर्ज कर रही है। उन्होंने शीघ्र गौरव की मौत का खुलासा करने और ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है।
खुलासा नहीं होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न
पिथौरागढ़। कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि एसडीएम डीडीहाट और तहसीलदार ने शीघ्र मौत के कारणों का खुलासा करने का आश्वासन दिया था। आज तक गौरव की मौत का खुलासा नहीं होना पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में मामले की जांच कर रहे निरीक्षक का ट्रांसफर हो गया है, जिससे खुलासा करने में दिक्कत हो रही है। वहां पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, कमला उपाध्याय, आरती उपाध्याय, नवीन उपाध्याय, प्रकाश पाल, वीरजंग पाल, गोविंद रावत, नीरज उपाध्याय, वीर सिंह धामी आदि थे। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह सौन ने ग्रामीणों की मांगों को समर्थन दिया।