गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। मणकनाली से सुरखाल पाठक सड़क के लिए ग्रामीणों ने वन रेंज कार्यालय दशाईथल में ताले लगाकर विभाग के खिलाफ नारे लगाए। सड़क के लिए चल रहे आंदोलन के समर्थन में गंगोलीहाट बाजार पूरी तरह बंद रहा। ग्रामीणों ने कहा सड़क नहीं तो वोट भी नहीं डाला जाएगा।
ग्रामीण संघर्ष समिति के अध्यक्ष ललित सिंह बिष्ट के नेतृत्व में विभिन्न गांवों के ग्रामीण शनिवार की वन रेंज कार्यालय दशाईथल पहुंचे। ग्रामीणों ने कार्यालय में ताले लगाकर धरना दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग सड़क काटने के लिए अनुमति संबंधी प्रपत्र तैयार करने में देरी कर रहा है।
उन्होंने विभाग पर आरोप लगाया कि पहले विभाग ने सड़क के लिए 159 पेड़ों को काटने की जरूरत बताई थी लेकिन अब विभाग 350 से अधिक पेड़ों को नुकसान बताकर आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने रेंजर से संबंधित पत्रावली शीघ्र बनाने की मांग की ताकि अतिशीघ्र सड़क काटने का काम शुरू किया जाए। इस दौरान कल्याण राम, राजेंद्र सिंह, शंकर सिंह, गोपाल सिंह, मुन्नी देवी, चंद्रा देवी, गोविंदी देवी, हेमा देवी, प्रेमा देवी, जगत सिंह आदि शामिल रहे।
वहीं सड़क निर्माण संबंधी आंदोलन के समर्थन में गंगोलीहाट बाजार पूरी तरह बंद रहा। दूध, दवा, सब्जी, रेस्टोरेंट और होटल समेत सारी दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। सिर्फ सरकारी कार्यालय खुले रहे। शनिवार को व्यापारियों ने मणकनाली से सुरखाल पाठक तक सड़क बनाने की मांग कर रहे ग्रामीणों के समर्थन में अपने प्रतिष्ठान सुबह से ही बंद रखे।
ग्रामीणों ने कहा कि 151वें दिन तक क्रमिक अनशन और उसके बाद नौ दिन से आमरण अनशन कर रहे ग्रामीणों की सरकार अनदेखी कर रही है। ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा देकर चुनाव बहिष्कार की घोषणा की। देवेंद्र सिंह भंडारी और पुष्कर सिंह भंडारी आमरण अनशन पर बैठे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि ग्रामीणों का आंदोलन जायज है। सरकार को उनकी मांग पूरी करनी चाहिए।