गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। वर्ष 2016 में स्वीकृति 11 किमी मड़कनाली-सुरखाल पाठक सड़क को पांच साल बाद पांच किमी सड़क के लिए वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। दशकों से ग्रामीण बीमार मरीजों का डोली के सहारे अस्पताल ले जाते थे। मड़कनाली सुरखाल पाठक सड़क निर्माण संघर्ष समिति ने 169 दिन तक सड़क के लिए आंदोलन किया। ग्रामीणों ने 151दिन तक क्रमिक अनशन फिर आमरण अनशन किया। 30 दिसंबर को गंगोलीहाट पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आंदोलनकारियों को कार्रवाई का भरोसा दिया था। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में वन भूमि का पेंच फंसे होने के कारण सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा था। अब वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने से ग्रामीणों को अपने बुरे दिन दूर होने का इंतजार है। सड़क निर्माण से चमलेख, कोलिया, गानुरा, बेतगाड़ा, धुना गांव की ढाई हजार से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा।
सरकार ने लंबे समय बाद आंदोलन का संज्ञान लिया। अगर समय रहते सभी कार्यवाही हो जाती तो निश्चित तौर पर अभी तक सड़क विहीन गांवों का विकास हो चुका होता। - ललित बिष्ट, ग्रामीण
वन एंव पर्यावरण मंत्रालय से वन भूमि के पेंच का मामला सुलझ गया है। अब सड़क निर्माण की कार्यवाही भी जल्दी होनी चाहिए। जिससे बीमारों को डोली में न ले जाना पड़े। - विक्रम सिंह बिष्ट