मदकोट के धरतीधार में श्री गोलज्यू संदेश यात्रा के प्रारंभ के अवसर पर पूजा-अर्चना करते लोग। संवाद
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पिथौरागढ़। मदकोट की सबसे दुर्गम बोना गांव की पहाड़ी धरतीधार से श्री गोलज्यू संदेश यात्रा सोमवार को शुरू हुई। मंगलवार को यात्रा पिथौरागढ़ पहुंचेगी। अपनी धरोहर संस्था की ओर से आयोजित 2200 किमी की इस यात्रा में उत्तराखंड राज्य स्थापना के दो दशकों में क्या खोया और क्या पाया, इसका दस्तावेज तैयार किया जाएगा।
सोमवार को धरतीधार में ध्वज पूजन किया गया। यात्रा शुरू होने के अवसर पर यात्रा संयोजक और अपनी धरोहर संस्था के अध्यक्ष पूर्व पुलिस महानिरीक्षक अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश मर्तोलिया, प्रदेश यात्रा संयोजक मंडल सदस्य ललित पंत, विजय भट्ट सहित अन्य लोग शामिल रहे। गणेश मर्तोलिया ने बताया कि श्री गोलज्यू संदेश यात्रा राज्य के भीतर 22 पौराणिक महत्व के आध्यात्मिक स्थलों तक पहुंचेगी। गांवों में चौपालों के माध्यम से पिछले 20 सालों में क्या खोया-क्या पाया, गांवों से पलायन रोकने के लिए क्या कर सकते हैं, इस पर भी चर्चा होगी। स्थानीय पैदावार पर भी अध्ययन किया जाएगा।
यात्रा के पिथौरागढ़ जिला संयोजक विप्लव भट्ट ने बताया कि यात्रा 26 अप्रैल को रामलीला मैदान पिथौरागढ़ पहुंचेगी। इस अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकलेगी। श्रद्धालु श्री गोलज्यू रथ का दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर सकेंगे। इस दौरान रामलीला मैदान में सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय, कृषि, बागवानी, लोकगीत, लोकनृत्य, लोकपर्व, शिल्प आदि विषयों पर चौपाल का आयोजन भी किया जाएगा। रात्रि विश्राम रतवाली गांव में होगा जहां पर गोलज्यू की आराधना की जाएगी। 27 अप्रैल को यात्रा न्याय की देवी कोटगाड़ी के मंदिर को प्रस्थान करेगी।