पिथौरागढ़/ बेड़ीनाग। जिला मुख्यालय की रामलीलाओं में अंगद-रावण संवाद का मंचन किया गया। दर्शक देर रात तक रामलीला का आनंद उठाते रहे। राम दल से अंतिम वार्ता के लिए अंगद को दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजा जाता है। अंगद रावण को समझाने का काफी प्रयास करते हैं । दरबार में विवाद होने पर अंगद रावण को अपना पैर उठाने की चेतावनी देते हैं। कहते हैं, सठ पग को जमीं पर रोपूं, जो पग को मेरे उठाए, दल राम विजय कहलाए..। रावण के सभी वीर अंगद के पैर को टस से मस नहीं कर पाते हैं। अंत में रावण स्वयं पैर उठाने आता है तो अंगद उससे कहते हैं कि प्रभु राम के चरण पकड़ो वह तुम्हें क्षमा कर देंगे।
उधर बेड़ीनाग में श्री नागदेव रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित मंचन के आठवें दिन राम-हनुमान मिलन, बाली-सुग्रीव युद्ध, सुग्रीव का राज्याभिषेक, हनुमान का सीता की खोज में लंका जाना, अशोक वाटिका विध्वंस, हनुमान के लंका दहन तक की लीला दिखाई गई। मुख्य अतिथि प्रभारी चिकित्साधिकारी सिद्धार्थ पाटनी और विशिष्ट अतिथि डॉ. देवेश रहे। राम कल्पना महरा, लक्ष्मण भावना कोरंगा, सीता नेहा बाफिला, हनुमान आनंद महरा, सुग्रीव विक्की पंत, बाली मंयक पंत, रावण मोना पंत, मेघनाथ जसवंत धानिक, विभीषण की भूमिका में कमल जोशी रहे। इस मौके पर रामलीला कमेटी अध्यक्ष बलवंत धानिक, जीवन धानिक, सचिव देवेंद्र शाह, कमलेश पंत, पंकज कार्की, कमल खाती, मयंक पंत, गंगा सिंह सामंत समेत दर्शक मौजूद रहे।