खुद को हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला अंतर्गत चुपाल गांव की निवासी बताने वाली एक महिला भटककर शुक्रवार की शाम देवलथल कस्बे में पहुंच गई। महिला ने लोगों को बताया कि उसकी एक रिश्तेदार पांच दिन पूर्व उसे ले आई थी। वह उसे नौकरी दिलाने के बहाने घर से बुला लाई लेकिन आधे रास्ते में उसे छोड़कर खुद फरार हो गई। महिला को यह भी मालूम नहीं है कि उसकी रिश्तेदार उसे कहां ले जाना चाहती थी।
अपना नाम ऋतु थापा पुत्री जवन थापा बताने वाली इस महिला ने बताया कि वह किसी तरह ग्वालदम पहुंची। वहां से बस में बैठकर देवलथल तक आ गई। देवलथल के लोगों ने उससे पूछताछ की। महिला पूरे होशोहवास में है। उसे अपने परिवार के लोगों का नाम, पता, फोन नंबर भी याद है। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने महिला के बताए गए फोन नंबर पर परिजनों से बात की और आश्वस्त किया कि वह महिला को शिमला भेजने की व्यवस्था करेंगे। जिला पंचायत सदस्य ने महिला को शुक्रवार रात देवलथल के निकट उसैल गांव में बसंत बल्लभ पांडे के घर पर ठहराने की व्यवस्था की और शनिवार सुबह चंदा एकत्र कर उसे हरिद्वार वाली बस में बिठा दिया है। परिवारवालों को बस का नंबर और कंडक्टर का नंबर भी दे दिया है ताकि वह हरिद्वार आकर उसे अपने साथ ले जा सकें। देवलथल में इससे पहले भी एक महिला भटककर पहुंच गई थी। उसे निराश्रित महिला केंद्र में रखा गया है।