राजकीय इंटर कॉलेज गर्खा में कक्षा दस में पढ़ने वाले एक छात्र की लाश संदिग्ध हालत में खाई से बरामद हुई है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
बताया गया है कि सोमवार को शीतकालीन अवकाश के बाद विद्यालय खुलने पर ग्राम चौंसाल के आठ बच्चे विद्यालय जाने के बजाए जंगल की ओर से चले गए। इनमें से अन्य बच्चे तो शाम को घर पहुंच गए लेकिन चौंसाल निवासी मनोहर सिंह बिष्ट का बेटा लोकेश बिष्ट (16) घर नहीं पहुंचा। परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की और अस्कोट थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने रात करीब दो बजे चौंसाल से जीआईसी गर्खा जाने वाले रास्ते के पास 300 मीटर गहरी खाई से लोकेश का शव बरामद कर लिया। लोकेश के सिर पर गंभीर चोट है और मुंह से खून निकल रहा था।
थाना प्रभारी विद्याधर जोशी के नेतृत्व में गए कांस्टेबल ताजवर सिंह, किशन नाथ और सुशील कुमार ने ग्रामीणों की मदद से शव को खाई से बाहर निकाला। पुलिस ने इस मामले में लोकेश के साथ जंगल की ओर गए सातों विद्यार्थियों को थाने बुला लिया। उनसे पूछताछ में यही पता चला है कि यह लोग आंवले तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ गए थे। तभी लोकेश पेड़ से गिर गया। साथियों ने पुलिस को यह भी बताया कि घरवालों की डर से यह बात किसी को नहीं बताई। पुलिस अभी भी इस घटना से जुड़े सभी तथ्यों की छानबीन कर रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि घटना के कारणों की पूरी तहकीकात की जाएगी। पुलिस देर शाम तक सातों विद्यार्थियों से पूछताछ कर रही थी। इधर, घटना की जानकारी मिलते ही जीआईसी गर्खा में शोक की लहर दौड़ गई। चौंसाल गांव में घटना के बाद शोक फैल गया। पिता और माता को बेहोशी के दौरे पड़ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उसके बाद सारी स्थिति साफ हो जाएगी।