नशे में बस चलाकर सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में डालने वाले रोडवेज के एक चालक को अदालत तीन माह कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनमोहन सिंह ने आरोपी चालक को एमबी एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिया।
अभियोजन 10 मार्च 2014 को रोडवेज के पिथौरागढ़ डिपो का चालक हयात बोहरा नशे की हालत में सवारियों से भरी बस (यूके 07-1976) को पिथौरागढ़ से टनकपुर की ओर तेज गति से ले जा रहा था। जिसके चलते रास्ते में कई बार हादसा होते-होते बचा। सवारियों ने चंपावत में बस रुकवाकर चालक के खिलाफ पुलिस में शिकायत की। मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ एमबी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेेट ने मनमोहन सिंह की अदालत ने एमबी एक्ट की धारा 177 के तहत 50 रुपए जुर्माना, धारा 181 के तहत एक माह का कारावास और 250 रुपए जुर्माना, धारा 184 में तीन माह की कैद और 500 रुपए जुर्माना तथा धारा 185 के तहत तीन माह की सजा और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अभियुक्त अब तक जमानत पर था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अभियोजन की ओर से अधिवक्ता विजय राय ने पैरवी की।