दारमा घाटी में पूजा में शिरकत कर वापस लौट रहे पांगू राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में कार्यरत डाक्टर विनोद गर्ब्याल (42) की पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थर की चपेट में आने से मौत हो गई है। एक समाजसेवी के रूप मे पहचान रखने वाले गर्ब्याल पत्रकार कृष्णा गर्ब्याल के भतीजे थे। शोक में धारचूला बाजार बंद रहा।
डा. गर्ब्याल परिजनों के साथ पूजा में गो गांव गए थे। शनिवार को वह अन्य लोगों के साथ धारचूला वापस लौट रहे थे। सुबह करीब 8.30 बजे धारचूला से 45 किमी दूर सेला के सलाटा नामक स्थान पर पहुंचे थे कि पहाड़ी से गिरा एक बड़ा पत्थर उनके सिर में आ गिरा, जिससे डा. गर्ब्याल गंभीर रूप से घायल हो गए। साथ में मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी धारचूला में अपने परिजनों को दी। सूचना पर प्रशासन ने घायल डाक्टर को लाने के लिए हेलीकाप्टर सेला भेजा। आईटीबीपी के सेनानी आनंद सिंह यरसों के निर्देश पर आईटीबीपी के जवान घटनास्थल से हेलीपैड तक घायल को लेकर आए। हेलीकाप्टर में धारचूला लाते समय रास्ते में गर्ब्याल ने दम तोड़ दिया।
होनहार डाक्टर की मौत से धारचूला में शोक की लहर दौड़ गई है। डा. गर्ब्याल अपने पीछे एसबीआई में तैनात पत्नी सरोज ग्वाल, 13 और 5 साल की लड़कियों को छोड़ गए हैं। डा. गर्ब्याल के निधन पर व्यापारियों, पत्रकारों और तमाम संगठनों के लोगों ने गहरा दुख प्रकट किया है।