धारचूला (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से दोबाट में भारी भूस्खलन हो गया। पहाड़ी दरकने से चीन सीमा को जोड़ने वाली लिपुलेख सड़क फिर बंद हो गई है। मलबा आने से जिले की 16 ग्रामीण सड़कों के साथ ही कुल 18 सड़कों पर यातायात बंद हो गया है।
दोबाट में रविवार की शाम को भारी भूस्खलन होने से चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क बंद हो गई। इससे व्यास, चौदास और दारमा घाटी के गांवों को जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क पर सुबह नया बस्ती और छारछुम के पास मलबा आने से सड़क बंद हो गई। इससे दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। धारचूला से मैदानी क्षेत्रों के लिए जा रहे यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोपहर 12 बजे सड़क खुलने पर यातायात सुचारू हुआ जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। दोबाट में सड़क से मलबा और बोल्डर हटाने के लिए कार्यदायी संस्था के कर्मी जुटे हुए हैं। हिलवेज कंपनी के पीआरओ त्रिलोक सिंह दानू ने बताया कि बंद सड़क को खोलने के लिए सुबह पांच बजे से काम शुरू कर दिया गया था। लगातार बोल्डर गिरने से काम प्रभावित हो रहा है।
पत्थर की चपेट में आने से जीप चालक घायल
धारचूला। रविवार की देर शाम को बूंदी से धारचूला को लौट रहा एक जीप चालक कैलाश खंपा धारचूला-तवाघाट मार्ग पर पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि जब वह जीप से आ रहा था तो दोबाट में सड़क बंद थी। कैलाश भूस्खलन की स्थिति को देखने के लिए पैदल आगे गया तो पहाड़ी से गिरने वाले पत्थरों की चपेट में आ गया। सूचना पर एसडीएम दिवेश शाशनी के निर्देश पर धारचूला से पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम घायल की मदद के लिए रवाना हुई लेकिन रास्ता बंद होने के कारण समय से मौके पर नहीं पहुंच पाई। इसके बाद पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य दान सिंह और प्रेम सिंह ने घायल को अपने कमरे में रखा। सुबह धारचूला से एनडीआरएफ की 15 बटालियन के इंस्पेक्टर अमीर चंद के नेतृत्व में 10 जवान और कोतवाल कुंवर सिंह रावत के नेतृत्व में पांच जवान चार किलोमीटर पैदल चलकर दोबाट पहुंचे। इसके बाद घायल कैलाश खंपा को धारचूला लाकर संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया। संवाद
काली नदी का जलस्तर बढ़ा
धारचूला। क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते काली नदी सुबह चेतावनी स्तर 889 से 889.40 मीटर पर पहुंच गई। दोपहर में जलस्तर कम होकर 889.20 मीटर पर रह गया। जलस्तर कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली। संवाद
बिजली गिरने से बेड़ीनाग में फुंके पांच ट्रांसफार्मर
बेड़ीनाग। लगातार बारिश और बिजली गिरने से क्षेत्र के कई ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं। इसके चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। ऊर्जा निगम के लाइनमैन सागर पाठक ने बताया कि गणेश चौक, राम मंदिर, मड़भट्टी गांव, संगौड़ और नायल में ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं। अवर अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि खराब ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य किया जा रहा है। संवाद
नदी में फंसी गाय को सुरक्षित निकाला
नाचनी(पिथौरागढ़)। नाचनी पुलिस, राजस्व पुलिस और आपदा प्रबंधन ने नदी किनारे फंसी गाय को स्थानीय लोगों की मदद से निकाला। सोमवार को एक गाय उफनाई नदी में फंस गई थी। सूचना पर थानाध्यक्ष नाचनी एसआई चंदन सिंह के नेतृत्व में कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों की मदद से गाय को नदी से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। संवाद
कहां कितनी बारिश मिमी में
पिथौरागढ़ 2
गंगोलीहाट 2
बेड़ीनाग 22.60
डीडीहाट 4.60
मुनस्यारी 15
धारचूला 43.60
सीमांत जिले में सड़कें बदहाल स्थिति में
पिथौरागढ़। सीमांत क्षेत्र मदकोट के ग्रामसभा जोशा से गांधीनगर तक तीन किमी सड़क की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। यहां सड़क पूरी तरह कीचड़युक्त हो गई है। इसके चलते लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान जोशा राजेश रोशन ने बताया कि कई बार लोक निर्माण विभाग को मोटर मार्ग की दयनीय स्थिति के बारे में बताया गया लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बदहाल हो चुकी सड़क पर कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क को ठीक नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। करेंगे। संवाद
बाक्स
बनकोट-सप्तेश्वर सड़क पर बने गड्ढे
गणाई गंगोली। बनकोट-बटगेरी-सप्तेश्वर सड़क पर हाल में किया गया डामर पूरी तरह उखड़ गया है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। प्रधान बटगेरी चंद्रावती देवी ने मुख्यमंत्री पोर्टल, मुख्य अभियंता लोनिवि और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर सड़क की जांच की मांग उठाई है। उन्होंने शीघ्र सड़क ठीक नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। सहायक अभियंता अनिल कनौजिया का कहना है कि सड़क अभी निर्माणाधीन है। अधिक बारिश होने की वजह से डामर टूट गया है। ठेकेदार से दोबारा डामर कराया जाएगा। बता दें कि इस सड़क का कार्य 5.70 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। संवाद
प्रभारी मंत्री रेखा आर्या आपदाग्रस्त क्षेत्रों का करेंगी निरीक्षण
27 जुलाई को एक दिनी भ्रमण में करेंगी आपदा प्रबंधन के कार्यों की समीक्षा
चंपावत। जिले की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या 27 जुलाई को आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने बताया कि प्रभारी मंत्री 26 जुलाई की शाम को नैनीताल से चंपावत पहुंचेंगी और 27 जुलाई की सुबह नौ बजे सर्किट हाउस से प्रस्थान कर आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी। वह टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निरीक्षण करेंगी। इसके बाद वहां से प्रस्थान कर 12 बजे सर्किट हाउस पहुंचेगी। फिर दोपहर में एक बजे अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी। उसके बाद कलक्ट्रेट सभागार में जिला आपदा प्रबंधन की बैठक और जिला स्तरीय अधिकारियों की आपदा प्रबंधन के कार्यों से संबंधित समीक्षा बैठक लेंगी। कैबिनेट मंत्री शाम तीन बजे देहरादून के लिए प्रस्थान करेंगी। संवाद
बाटनागाड़ में फिर आया मलबा, पूर्णागिरि मार्ग साढ़े तीन घंटे रहा बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। मुसीबत बन रहे बाटनागाड़ ने सोमवार को एक बार फिर पूर्णागिरि धाम की राह रोक दी। बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से साढ़े तीन घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। भारी मशक्कत के बाद सड़क को सुबह 9:30 बजे खोला जा सका।
टनकपुर से आठ किलोमीटर दूर बाटनागाड़ में भारी मलबे के कारण सोमवार सुबह टनकपुर-पूर्णागिरि और टनकपुर-जौलजीबी सड़क बंद हो गई। एसडीएम सुंदर सिंह ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेज मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया। मशक्कत के बाद सुबह छह बजे से बंद हुई सड़क साढ़े नौ बजे तक खुल सकी। इससे पूर्व इस माह बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से चार जुलाई से 21 जुलाई तक भी सड़क बंद रही थी।
इनसेट
चंपावत जिले की आठ ग्रामीण सड़कें बंद
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को पूरे दिन खुला रहा। वहीं जिले की 12 सड़कें बंद हुईं। शाम तक चार सड़कों को खोल दिया गया। अभी भी चमदेवल-जाख-गजीना, जैगांव-जैतोली, धौन-दियूरी-बजौन, चमदेवल-निडिल, चिलनियां-पुनौली, खटोली मल्ली-वैला, चल्थी-नौलापानी और अमोड़ी-छतकोट-घुरचुम-पाली सड़क बंद है। आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि इन सड़कों को खोलने के लिए मशीन भेजी गईं हैं।
चंपावत जिले में बारिश मिमी में
बनबसा : 30 मिमी
चंपावत : 1 मिमी
पाटी : 1 मिमी
पूर्णागिरि धाम के कपाट डेढ़ घंटे की देरी से खुले
भारी बारिश की वजह से सुरक्षा कारणों के चलते उठाया गया कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। तेज बारिश से सोमवार सुबह मां पूर्णागिरि धाम के कपाट डेढ़ घंटे की देरी से खुले। मंदिर समिति ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर ये कदम उठाया। हालांकि सुबह की पूजा और आरती रोज की ही तरह समय पर ही हुई।
पूर्णागिरि क्षेत्र में सोमवार तड़के तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। मुख्य मंदिर के पास की पहाड़ी से पत्थर गिरने की आशंका के मद्देनजर मंदिर के कपाट को निर्धारित समय सुबह छह बजे के बजाय साढ़े सात बजे खोला गया। इस वजह से कई श्रद्धालुओं को मुख्य मंदिर के प्रवेशद्वार पर ही इंतजार करना पड़ा। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने बताया कि मौसम की खराबी के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया था। बताया कि पूर्णागिरि धाम का 15 जून को सरकारी मेला निपटने के बाद 24 जून से शाम सात बजे से सुबह छह बजे तक मुख्य मंदिर के दर्शन पर प्रतिबंध है।
मलबा हटाने के दौरान कट गई ओएफसी, संचार सेवा ठप
मां पूर्णागिरि क्षेत्र के लोग परेशान, पानी एकत्र होने से ओएफसी जोड़ने में हो रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र की संचार सेवा सोमवार को दिनभर ठप रही। इससे श्रद्धालुओं सहित क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ये नौबत बाटनागाड़ के पास मोबाइल नेटवर्क की ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) के कटने से हुई। तकनीकी टीम ओएफसी की मरम्मत करने में जुटी है।
पूर्णागिरि में भैरव मंदिर और आसपास के क्षेत्र में जियो मोबाइल नेटवर्क की सेवा है। सोमवार तड़के ओएफसी कटने से लोगों के मोबाइल के सिग्नल गायब हो गए। इस कारण कारोबारी, क्षेत्र के लोगों के अलावा श्रद्धालु परेशान रहे। जियो की तकनीकी टीम केबल की मरम्मत में जुटी है लेकिन जिस जगह पर ओएफसी कटी है वहां काफी मात्रा में पानी एकत्र होने से कार्य करने में दिक्कतें आ रही हैं।